
विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने दी शानदार प्रस्तुति।
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 26 फरवरी। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा के मुख्य आतिथ्य में कल ‘श्रुति मंडल’ का आयोजन हुआ। यह संगीतमय संध्या भारत के स्वतंत्रता-पूर्व युग के विलक्षण ग़ज़ल एवं गीत गायक मास्टर मदन को समर्पित रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मास्टर मदन के संक्षिप्त किंतु प्रभावशाली जीवन-वृत्त पर प्रकाश डालते हुए किया गया। उनके अद्वितीय गायन कौशल और अल्पायु में संगीत जगत को दिए गए अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में प्रथम प्रस्तुति कथक नृत्य की रही, जिसे सुश्री साराक्षी सक्सेना ने भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। संगत में शफीक हुसैन (सारंगी), विवेक देशमुख (तबला), रोशन साहू (गायन) एवं सुश्री मौलश्री सिंह (पढ़ंत) की सशक्त सहभागिता रही। द्वितीय प्रस्तुति भरतनाट्यम नृत्य की रही, जिसे शोधार्थी सुश्री बिन्दु नायर ने उत्कृष्ट अभिव्यक्ति और सधी हुई मुद्राओं के साथ प्रस्तुत कर दर्शकों की तालियां बटोरीं। तृतीय प्रस्तुति ओड़िसी नृत्य पर आधारित नृत्य-नाटिका “श्री कृष्णा तुभ्यं नम:” की रही। इसका निर्देशन ओड़िसी विभाग के सहायक प्राध्यापक सुशांत कुमार दास ने किया। इस प्रस्तुति में सुशांत कुमार दास, सुश्री पूनम गुप्ता, सुश्री हिमानी सारथी, सुश्री अनन्या इक्का, सुश्री दुर्गेश्वरी पाल, सुश्री सुधा योजन, सुश्री जया निर्मलकर, सुश्री प्रज्ञा प्रसाद एवं सुश्री हिना दास ने सामूहिक रूप से मनोहारी प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति सुगम संगीत की रही, जिसे संगीत संकाय के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. नमन दत्त ने प्रस्तुत किया। संगत में डॉ. शिवनारायण मोरे (तबला), सुगम शिवाले (हारमोनियम) एवं चिन्मय निषाद (गिटार) उपस्थित रहे। उनकी प्रस्तुति ने सभागार को संगीतमय भाव से सराबोर कर दिया। सभी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और कलाकारों को भरपूर तालियां मिलीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. लवली शर्मा ने कहा कि ‘श्रुति मंडल’ जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त मंच मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि जिस उत्साह और समर्पण के साथ वे कार्यक्रमों में सहभागिता कर रहे हैं वह अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर अभ्यास और उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया तथा इस सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन प्रियांशु पांडेय ने किया, वहीं श्रद्धा-सुमन वाचन सुश्री गुंजन बड़गे द्वारा किया गया। इस अवसर पर कुलसचिव वेंकट रमन गुड़े, श्रुति मंडल समिति की संयोजक डॉ. दीपशिखा पटेल, सदस्यगण डॉ. दिवाकर कश्यप व डॉ. हरिओम हरि सहित शिक्षकगण व विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।
