सीमावर्ती गांवों में रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस।
सीमावर्ती क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की विशेष पहल।
Vibarnt villages programme-II (VVP-II) के तहत जिला स्तरीय समिति (DLC) की बैठक सम्पन्न।
31 रणनीतिक गांवों के समग्र विकास की योजना तैयार करने का निर्देश।
RKTV NEWS/बेतिया (पश्चिमी चंपारण)14 फरवरी।जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में आज कार्यालय प्रकोष्ठ में Vibarnt villages programme-II (VVP-II) के तहत जिला स्तरीय समिति (DLC) की बैठक आयोजित की गई।
उक्त बैठक में जिला पदाधिकारी द्वारा उपस्थित एवं विडियों कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े सभी पदाधिकारियों को VVP-II कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि इस जिले के पाँच सीमावर्ती प्रखण्ड यथा सिकटा, मैनाटॉड बगहा-2, रामनगर एवं गौनाहा के 31 रणनीतिक गाँवों का चयन इस कार्यक्रम के अन्तर्गत किया गया है।
इस दौरान जिला पदाधिकारी ने सड़क संपर्क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजिविका का सृजन, कौशल प्रशिक्षण कृषि पर्यटन लघु उद्योग, बैंकिंग, दूरसंचार से संबंधित परियोजनाओं का अंतर विश्लेषण करते हुए प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं का चयन करने का निर्देश दिया।
साथ ही चयनित रणनीतिक गाँवों के समग्र विकास हेतु विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं संबंधित प्रक्षेत्र के सशस्त्र सीमा बल के नामित नोडल पदाधिकारी को परस्पर समन्वय स्थापित करते हुए चयनित गाँवों में GAP Analysis कर कार्य योजना अनुमानित राशि के साथ तीन दिनों के अन्दर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। जिससे इन गांवों में आजिवीका के अवसर रचित हो और रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सके। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में वास करने वाले लोगों का पलायन रुकेगा। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय संस्कृति को संरक्षित किया जा सकेगा।
वहीं इसके सहायक नोडल पदाधिकारी-सह-संयोजक जिला योजना पदाधिकारी प्रदीप कुमार गोंड ने बताया कि यह कार्यक्रम सरकार की वर्तमान योजनाओं का संतृप्तिकरण करेगा ताकि सभी पात्र लाभार्थियों परिवारों तक योजनाओं का पूर्ण लाभ पहुँच सके। Vibrant villages programme-II का मुख्य उदेदश्य सीमावती आबादी को राष्ट्र की मुख्य पारा से जोडना तथा उन्हें सीमा सुरक्षा बलों की आँख एवं कान के रूप में जागरूक करना है। साथ ही सीमावर्ती आबादी को सीमापार अपराधिक गतिविधियों से दूर रखना है। सभी संबंधित विभागों को ससाधनों के समुचित उपयोग को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का प्रस्ताव अनुमानित राशि सहित उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, काजले वैभव नितिन, समादेष्टा, एसएसबी, 44 वी बटालियन, नरकटियागंज, बलवंत सिंह नेगी, समादेष्टा, एसएसबी, 65 वी बटालियन, बगहा, नंदन सिंह मेहरा, सिविल सर्जन, डॉ0 विजय कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे।

