
RKTV NEWS/जमशेदपुर ( पूर्वी सिंहभूम)10 फरवरी। सोमवार को मुसाबनी में संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी द्वारा किया गया। संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत प्रखंड में नीति आयोग के निर्धारित इंडिकेटर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, महिला स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य के शत प्रतिशत लक्ष्य हासिंल करने के लिए अगामी 3 महीने तक सघन कार्यक्रम चलाया जायेगा।
केंद्र सरकार नीति आयोग के निर्देशानुसार मुसाबनी में संपूर्णता अभियान का शुभारंभ उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, उप विकास नागेन्द्र पासवान, एसडीओ घाटशिला सुनिल चंद्रा, सिविल सर्जन डॉ0 साहिर पाल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा संपूर्णता अभियान 2.0 के लिए मिशन-मोड अभियान शुरू किया गया है। नीति आयोग द्वारा शुरू किया गया यह 3 महीने का गहन अभियान आकांक्षी प्रखंड मुसाबनी में विकास के अंतर को पाटने और प्रमुख सार्वजनिक सेवाओं की 100 प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है।
अभियान की सफलता में सभी की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। संपूर्णता अभियान के पहले चरण में निचले स्तर पर सेविका, साहिका, सामुदायिक चिकित्सा पदाधिकारी का योगदान सराहनीय रहा जिसके कारण मुसाबनी प्रखंड को बेहतर प्रदर्शन के लिए सिलवर मेडल से नीति आयोग के द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होने कहा सभी नागरिक अपने अधिकारों के प्रति सजग रहे, योजनाओं के क्रियान्वयन में जनता की भागीदारी तथा सकारात्मक सहयोग से लक्षित समहों को उनके हक दिलाने का प्रयास किया जाय।
मुसाबनी के संपूर्ण विकास के लिए सुदूरवर्ती गांवों तथा पंचायतों में स्वास्थ्य, शिक्षा, अस्पताल तथा सरकार की अन्य लाभकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित पहुंचाने के लिए सभी विभागों तथा उनके क्षेत्रीय पदाधिकारियों को जनता की समस्याओं के समाधान के लिए उनके टोला मोहल्ला में जाकर उनके जरूरत के मुताबिक योजनाओं से जोड़ने एवं जरूरी कागजात, प्रमाण पत्र आदि बनाने में मदद करने की नसीहत दी। उन्होने कहा मुसाबनी के अलावे जिला के सभी प्रखंडों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आंगनवाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण, शौचालय और स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है।
डीडीसी नागेन्द्र पासवान ने कहा जिला प्रशासन 14 अप्रैल 2026 तक आकांक्षी प्रखंडों के लिए निर्धारित सभी छह प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रखंडों के लिए मुख्य फोकस क्षेत्र में प्रखंड स्तरीय अधिकारी लक्ष्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की दिशा में काम करें। अभियान के तहत आईसीडीएस के तहत 6 माह से 6 वर्ष तक के शत प्रतिशत बच्चों को नियमित पूरक पोषण, आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों के वजन और ऊंचाई के डिजिटल मापन में शत प्रतिशत दक्षता, सभी संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में क्रियाशील शौचालय और स्वच्छ पेयजल, प्रखंडों के सभी स्कूलों में छात्राओं के लिए शत प्रतिशत क्रियाशील शौचालयों की उपलब्धता, पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग के खिलाफ शत प्रतिशत टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य जमीनी स्तर पर आमलोगों के जीवन स्तर में परिवर्तन लाना है।
सिविल सर्जन डॉ0 साहिर पाल ने प्रोजेक्ट उल्लास के तहत मिग्री रोगियों की पहचान, उपचार तथा नियमित रूप से रोगियों की मॉनिटरिंग के लिए चलाये जा रहे अभियान तथा प्राप्त सकारात्मक परिणाम के बारे में जानकारी देते हुए आगामी 22 से 26 फरवरी तक आयोजित होने वाले कैम्पों में मिग्री रोगियों को कैम्प में लाकर समुचित इलाज कराने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्ट उल्लास के तहत बेहतर काम करने वाले चिकित्सकों, सामुदायिक चिकित्सा पदाधिकारियों, सहियाओं को प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी सहित प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, जेएसएलपीएस दीदी, स्वास्थ्य सहिया, आंगनबाड़ी सहायिका तथा अन्य लोग उपस्थित थे।
