झारखण्ड राज्य के 24 जिलों एवं 07 राज्यों के स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने मेले में लिया भाग।

स्वयं सहायता समूह की दीदियों के कार्य अनुकरणीय और सराहनीय: उप विकास आयुक्त

जेएसएलपीएस की दीदियों द्वारा निर्मित सामग्री उनकी मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रदर्शन: अनुमंडल पदाधिकारी

उप विकास आयुक्त व अनुमंडल पदाधिकारी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वंय सहायता समूह की दीदियों को किया सम्मानित।

पलाश आजीविकोत्सव सरस मेला 2026 को सफल बनाने में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों, कर्मियों व सहयोगियों को किया गया सम्मानित।

पलाश आजीविकोत्सव सरस मेला, 2026 के माध्यम से लगभग 32 लाख रुपये की हस्तनिर्मित सामग्रियों की हुई बिक्री।
RKTV NEWS/देवघर ( झारखंड)31 जनवरी।जिले में “पलाश आजीविकोत्सव सरस मेला-2026” का आज समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। ज्ञात हो कि यह सरस मेला 25 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित किया गया है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों की दीदियों द्वारा इस मेले में अपना स्टॉल लगाया गया है। साथ ही दीदियों द्वारा हस्तनिर्मित सामग्रियों की बिक्री की गई एवं विभिन्न राज्यों की खान-पान, वेशभूषा, कला- संस्कृति को नजदीक से देखने का अवसर जिलावासियों को मिला।
इसके अलावे कार्यक्रम के दौरान सभी को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा ने कहा कि सरस मेला के माध्यम से हम सभी ने जाना कि आज स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा निर्मित सामान की मांग बाजार में है और लोग इसे पसंद कर रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि पलाश आजीविकोत्सव सरस मेला 2026 के माध्यम से झारखंड राज्य के सभी जिलों तथा विभिन्न राज्यों से पधारे सखी मंडल की दीदी उद्यमियों ने अपनी मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रदर्शन प्रस्तुत किया है। इस सरस मेले में हस्तनिर्मित उत्पादों की एक समृद्ध श्रृंखला देखने को मिलती है, जिनमें रेशम वस्त्र, बांस एवं सूप-डालिया उत्पाद, लोहे के बर्तन, मधु एवं शहद उत्पाद, अचार-पापड़, मसाले, अगरबत्ती, लाह एवं जनजातीय आभूषण, सजावटी सामग्री, हर्बल उत्पाद तथा पारंपरिक खाद्य सामग्री शामिल हैं। इन सभी उत्पादों को सखी मंडल की दीदियों द्वारा स्वयं तैयार कर यहाँ प्रदर्शित किया गया है तथा आम जनमानस के लिए विक्रय हेतु भी उपलब्ध कराया गया है, जो अपने आप सराहनीय हैं।
यह मेला केवल उत्पादों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह सखी मंडल की दीदियों की मेहनत, उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणादायी कहानी को दर्शाता है।
कार्यक्रम के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने सरस मेला की सराहना करते हुए कहा कि जेएसएलपीएस के माध्यम से दीदियों को एक बेहतर विकल्प और हुनर देकर उनको आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पलाश आजीविकोत्सव सरस मेला 2026 ग्रामीण महिलाओं को बाजार से जोड़ने, उनके उत्पादों को नई पहचान दिलाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक प्रभावी और सार्थक मंच है। आज जिस प्रकार दीदियों ने शत प्रतिशत मेहनत इस कार्यक्रम को चला रहे है वो काबिले तारीफ है। इनमें हस्तशिल्प, हथकरघा एवं खादी वस्त्र, शिल्क उत्पाद तथा पारंपरिक पेंटिंग शामिल हैं। ट्राइबल ज्वेलरी, डोकरा शिल्प, बांस एवं वुडन क्राफ्ट तथा लाख की चूड़ियाँ विशेष आकर्षण हैं। हस्तनिर्मित बैग, सजावटी वस्तुएँ एवं घरेलू उपयोग की सामग्री भी यहाँ उपलब्ध है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण उत्पाद इस मेले की पहचान को और सुदृढ़ करते हैं।
पलाश आजीविकोत्सव सरस मेला 2026 को सफल बनाने में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा एवं अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने पलाश आजीविकोत्सव सरस मेला 2026 को सफल बनाने में बेहतर कार्य प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मियों को शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा मेले में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टॉल, उत्कृष्ट उत्पाद , उत्कृष्ट खान-पान स्टाल, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दीदियों के समूह को प्रशस्ति पत्र देकर पुरिस्कृत किया गया। साथ ही उनके कार्यों की सराहना की और दीदियों की हौसला अफजाई की गई।
इस दौरान उपरोक्त के अलावा जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती, जेएसएलपीएस डीपीएम सुशील दास, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, जेएसएलपीएस रांची की टीम एवं संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थे।

