उच्च माध्यमिक विद्यालय ईजरी सह मध्य विद्यालय सलेमपुर में विवेकानंद की मनाई गई जयंती।
आरा/भोजपुर( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)12 जनवरी।राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर उच्च माध्यमिक विद्यालय ईजरी सह मध्य विद्यालय सलेमपुर में भारतीय दर्शन संस्कृति सभ्यता एवं धर्म आध्यात्म के प्रणेता स्वामी विवेकानंद को याद किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई सभा की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि भारत की आबादी का 40% युवा है और सही मायने में युवा विवेकानंद जी के बताए गए रास्ते पर चलकर एक अनुशासित, ईमानदार, कर्तव्य निष्ठ, चरित्रवान एवं भारतीय संस्कृति सभ्यता के अनुरूप आगे बढ़ते हैं तो हमारा देश निश्चित रूप से आगामी 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनेगा। भारती कुमारी द्वारा बताया गया की विवेकानंद जी मात्रा 39 वर्ष ही इस संसार में रहे परंतु अपने अमूल्य विचारों से पूरी मानवता को प्रभावित करने का काम किया उनके द्वारा बताया गया मूल मंत्र उठो जागो एवं तब तक अपने कर्तव्य पथ पर निष्ठा से लगे रहो जब तक अपने लक्ष्य को प्राप्त न कर लो।
संगीत शिक्षक डॉ लाल बाबू निराला ने बताया कि विवेकानंद जी अपनी मातृभाषा के साथ दूसरों की मातृभाषा का कद्र करते थे। सही मायने में वह भारतीय धर्म साहित्य, वेद,उपनिषद गीता के गूढ़ रहस्यों के जानकार थे तभी विश्व धर्म संसद 1893 ई शिकागो में अपने सारगर्भित वक्तव्यों से भारत का परचम विश्व में फहराने का काम किया है। शिक्षिका प्रियंका कुमारी ने बताया कि विवेकानंद जी एक चरित्रवान,
ज्ञानवान शिखर पुरुष थे। अपने अल्प जीवन काल में मानवता के प्रति जिस करुणा,सहानुभूति का प्रदर्शन किया और अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस के सम्मान में राम कृष्ण मिशन एवं कई मठों का निर्माण किया जो भारतीय संस्कृति सभ्यता, दर्शन एवं धर्म अध्यात्म का केंद्र बना।शिक्षक संजय उपाध्याय ने गीत गाकर स्वामी जी को याद किया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के गणेश जी,पूजा जी, शोभा जी,वीर प्रताप, राजेश जी,परवेज जी,श्वेताजी, सविता, अमृता,विकास, वीरेन्द्र जी ,जितेन्द्र जी,शाहिद जी,परवेज जी,अफरोज जी ,आदि समस्त सदस्य सहभागिता प्रदान किए।

