
RKTV NEWS/समस्तीपुर (बिहार)12 जनवरी।राष्ट्र-निर्माता, मनुष्य- निर्माता, चरित्र-निर्माता स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती धूमधाम से समारोह पूर्वक सोसायटी फाॅर डिसैबिलीटी एण्ड रिहैबिलीटेशन स्ट्डीज, नई दिल्ली के तत्वावधान में शहर के ताजपुर रोड, एल आई सी के सामने समता सदन परिसर में मनाई गई। अध्यक्षता आयोजक संस्था के मानद अध्यक्ष शिक्षाविद डॉ परमानन्द लाभ ने की, जबकि मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य डॉ केशव कुमार सिंह थे। विशिष्ट अतिथि के रुप में सदर अस्पताल के डॉ गौरव विद्यमान थे और विषय-प्रवेश अवकाशप्राप्त शिक्षक विनयकृष्ण ने कराया। आगत अतिथियों का स्वागत जिला सवर्ण मोर्चा अध्यक्ष अर्जुन प्र सिंह ने लच्छेदार भाषण में किया। मुख्य वक्ता राम संजीवन पाण्डेय थे और सार-संक्षेपण वक्तव्य राजेश्वर ठाकुर ने प्रस्तुत किया। संचालन प्रसिद्ध गजलकार अधिवक्ता प्रवीण चुन्नू ने किया।
राज कुमार चौधरी के सरस्वती वंदना से आरंभ कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर समवेत रुप से मंचासीन लोगों ने किया। इसके बाद डाॅ परमानन्द लाभ रचित पुस्तक “उतिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत ” का लोकार्पण उपस्थित समस्त विद्वानों के कर-कमलों से किया गया।
डॉ परमानन्द लाभ ने अपने अध्यक्षीय भाषण में स्वामी जी को राष्ट्र-निर्माता व मनुष्य- निर्माता युगपुरुष बताया। डाॅ केशव कुमार सिंह ने स्वामीजी के उपदेशों को जीवन में उतारने की आवश्यकता पर जोर दिया। राम संजीवन पाण्डेय ने स्वामीजी को शक्ति का पूंज कहा। हास्य कवि कवि विष्णु कुमार केडिया, अरविंद सत्यदर्शी व आर के चौधरी ने अपनी-अपनी कविता से लोगों का मन मोह लिया। सार-संक्षेपण-प्रस्तुति के माध्यम से भाजपा नेता राजेश्वर ठाकुर ने विवेकानंद के विचार की प्रासांगिकता पर तार्किक विचार-विमर्श को पटल पर रखा।
समारोह में उपस्थित लोगों में विचार व्यक्त करने वाले मुख्य व्यक्ति किशोरी प्र सिंह, रवींद्र चन्द्र वर्मा, हरेराम सिंह, आर के दिवाकर, उदयशंकर सिंह, अशोक कुमार वर्मा, प्रवीण कुमार सिन्हा थे।
धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता संघ के सचिव समदर्शी राजगृहार ने कर सभा समाप्ति की घोषणा की।
