
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 27 मार्च।महंत महादेवानंद महिला महाविद्यालय, आरा में “द वेगन चॉइस” विषय पर दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन उद्दारिणी फाउंडेशन द्वारा एनिमल क्लाइमेट हेल्थ सेव फाउंडेशन एवं RSWF के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम प्राचार्य प्रो. डॉ. एन. पी. पालित , डॉ स्मृति चौधरी, स्वर्णिका सिंह ने संयुक्त दीप प्रज्वलन से हुआ।डॉ पालित ने पर्यावरण संरक्षण, पशुओं की सुरक्षा तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवन शैली के लिए पर्यावरण-अनुकूल वेगन आहार अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। इन्होंने बताया की वेगन जीवन शैली की ओर उठाया गया छोटा कदम भी दीर्घकाल में बड़ा प्रभाव होगा।वैगन च्वाइस” अपनाने से सामान्य जनजीवन में नैतिकता, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य की सुरक्षा में वृद्धि होती है।
संस्थापक स्वर्णनिका राज सिंह एवं जिशु दयाल द्वारा बताया गया की वैश्विक तापन, जल संकट तथा पशु-आधारित कृषि से उत्पन्न प्रदूषण जैसी गंभीर पर्यावरणीय समस्याओं पर नियंत्रण हो सकेगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. स्मृति चौधरी, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी (इकाई-2) द्वारा किया गया। उन्होंने वेगनिज़्म के नैतिक एवं स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं पर बल देते हुए प्रतिभागियों को अपने दैनिक जीवन में संवेदनशील एवं सजग निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।जिससे पशु क्रूरता को समाप्त करने की दिशा में योगदान दिया जा सके। वेगन आहार एवं जीवन शैली को प्रोत्साहित करने हेतु एक पाक-कला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें 30 प्रतिभागियों ने अपने वेगन व्यंजन प्रस्तुत किए।मानसी एवं शिखा ने नारियल दूध की खीर बनाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा उन्हें ₹5000 की नकद राशि प्रदान की गई। खुशी ने बिना डेयरी उत्पादों के वेगन रस मलाई बनाकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया और ₹3000 की पुरस्कार राशि प्राप्त की।
मनीषा, अदिति, रिमझिम एवं पूजा को उनके उत्कृष्ट एवं अभिनव वेगन व्यंजनों के लिए विशेष पुरस्कार जिसमे प्रमाण पत्र, टी-शर्ट एवं वेगन कुकबुक प्रदान की गई। सम्मानित लोगों में डॉ. राजीव कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. अवधेश प्रसाद, डॉ. अमरेश कुमार, डॉ. शिखा, डॉ. राघवेंद्र विकास सिंह, डॉ. अमरजीत कुमार, डॉ. जुगल प्रसाद, डॉ. राखी सिंह, डॉ. स्वाति, डॉ. पूनम, डॉ. सरोज, डॉ. सुधा निकेतन रंजनी, डॉ. प्रीति कुमारी, डॉ. अंजु कुमारी, डॉ. अनामिका, डॉ. राजबाला, डॉ. प्रेमेन्द्र कुमार, डॉ. कंचन एवं डॉ. विजय यादव आदि रहे।


