RK TV News
खबरें
Breaking News

मुजफ्फरपुर:जिलाधिकारी के नेतृत्व में किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी में नया कीर्तिमान, मुजफ्फरपुर बना राज्य का नंबर-1 जिला, लक्ष्य से अधिक 10566 किसानों का हुआ निबंधन।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को लेकर प्रशासनिक सक्रियता रंग लाई, विशेष अभियान में मुजफ्फरपुर की ऐतिहासिक उपलब्धि।
जिलाधिकारी की समीक्षा एवं मॉनिटरिंग लगातार जारी, मिशन मोड में कार्य करने की मिली कड़ी हिदायत, शनिवार को हर अंचल को 1500 निबंधन का मिला टास्क।

RKTV NEWS/मुजफ्फरपुर(बिहार)10 जनवरी।सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र किसानों तक समयबद्ध, पारदर्शी और निर्बाध रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के नेतृत्व में चलाया गया तीन दिवसीय विशेष किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी अभियान मुजफ्फरपुर जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया है। इस अभियान के तहत पूरे राज्य में किसानों के निबंधन के मामले में मुजफ्फरपुर जिला प्रथम स्थान पर रहा। राज्य स्तर पर जिले को 8000 किसानों के निबंधन का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध 10566 किसानों का सफलतापूर्वक निबंधन किया गया, जो राज्य में सर्वाधिक है। यह उपलब्धि जिला प्रशासन की सक्रियता, अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रतिबद्धता तथा किसानों की जागरूक भागीदारी का परिणाम है।
जिलाधिकारी ने इस अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया था कि वे पूरी तत्परता, गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ किसानों के हित में कार्य करें, ताकि अधिक से अधिक किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी महत्वाकांक्षी योजना से जुड़ सकें। जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों और सतत निगरानी का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े आंकड़े

उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरपुर जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत कुल 3,59,827 किसान आच्छादित हैं। इनमें से अब तक 38,827 किसानों का निबंधन किया जा चुका है। विशेष अभियान के दौरान आज एक दिन में 7,388 किसानों का निबंधन किया गया, जो प्रशासनिक तत्परता का प्रमाण है।
वहीं, आज शाम 5:00 बजे तक कुल 15,514 किसानों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण की गई। निबंधन और ई-केवाईसी की यह तेज रफ्तार यह सुनिश्चित करती है कि पात्र किसानों को योजना की किस्तें बिना किसी तकनीकी बाधा के समय पर मिल सकेंगी।

राज्य स्तर पर निरंतर समीक्षा

इस अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राज्य स्तर पर मुख्य सचिव द्वारा प्रतिदिन इसकी समीक्षा की जा रही है। अभियान का पहला चरण 6 जनवरी से 9 जनवरी तक निर्धारित था, जिसे बेहतर प्रगति और किसानों की सुविधा को देखते हुए 10 जनवरी तक विस्तारित किया गया है। शनिवार को इस चरण का अंतिम दिन है। वहीं, अभियान का दूसरा चरण 18 जनवरी से प्रारंभ होकर 21 जनवरी तक चलेगा। जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे इन निर्धारित तिथियों के भीतर अपना निबंधन एवं ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें।
निबंधन एवं ई-केवाईसी की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ सीधे तौर पर निबंधन एवं आधार आधारित ई-केवाईसी से जुड़ा हुआ है। ये दोनों प्रक्रियाएं न केवल योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन में सहायक हैं, बल्कि किसानों को समय पर आर्थिक सहायता दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
निबंधन एवं ई-केवाईसी से होने वाले प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं—
-सही किसान की पहचान सुनिश्चित: आधार आधारित ई-केवाईसी से यह सुनिश्चित होता है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक एवं पात्र किसान को ही मिले।
-फर्जी एवं दोहरे लाभ पर रोक: मृत व्यक्तियों, फर्जी नामों अथवा दोहरे पंजीकरण को हटाकर सरकारी धन की बचत होती है और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहती है।
-किस्त भुगतान में बाधा नहीं: जिन किसानों का निबंधन एवं ई-केवाईसी पूर्ण रहता है, उन्हें ₹6,000 प्रतिवर्ष की तीनों किस्तें सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में समय पर प्राप्त होती हैं।
-डेटा अपडेट एवं त्रुटि सुधार में सुविधा: निबंधन के दौरान नाम, आधार संख्या, बैंक खाता और भूमि विवरण सही दर्ज होने से भुगतान में तकनीकी समस्याएं नहीं आतीं।

किसानों को मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभ

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को कई स्तरों पर लाभ मिल रहा है। ₹6,000 प्रति वर्ष की सुनिश्चित आय सहायता से किसानों को कृषि लागत वहन करने में मदद मिलती है। यह राशि बीज, खाद, सिंचाई, कृषि उपकरणों तथा अन्य आवश्यकताओं में सहयोग प्रदान करती है। डीबीटी के माध्यम से सीधा बैंक खाते में भुगतान होने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है और किसानों में सरकारी योजनाओं के प्रति भरोसा बढ़ता है।

प्रखंडवार समीक्षा और सख्त निर्देश

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन द्वारा किसानों के हित में निबंधन एवं ई-केवाईसी में तेजी लाने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिदिन प्रखंडवार समीक्षा की जा रही है। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि मोतीपुर प्रखंड में निबंधन एवं ई-केवाईसी का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा। वहीं, कुछ प्रखंडों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
मुसहरी अंचल में म्यूटेशन परिमार्जन से संबंधित आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने के मामले में जिलाधिकारी ने अंचल अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया तथा प्रति लंबित आवेदन ₹500 जुर्माना लगाने का निर्देश अपर समाहर्ता राजस्व को दिया। इसके साथ ही संबंधित राजस्व अधिकारी एवं राजस्व कर्मियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने अंचल में लंबित परिवादों की भी गहन जांच कर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए ।
यद्यपि बोचहा एवं गायघाट अंचलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर पाया गया, फिर भी जिलाधिकारी ने इसमें और सुधार लाने के निर्देश दिए। वहीं, मुरौल अंचल में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिला कृषि पदाधिकारी एवं मुरौल के अंचल अधिकारी को संयुक्त रूप से आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।

जवाबदेही तय करने की पहल

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अभियान में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लोएस्ट परफॉर्मिंग वाले पांच कृषि समन्वयक, पांच किसान सलाहकार, पांच हल्का कर्मचारी तथा पांच अमीन को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का आदेश दिया। इस कदम का उद्देश्य किसानों के हितों की सुरक्षा एवं संवर्धन करना,
सरकारी कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा अभियान को अपेक्षित गति देना है।
यह भी स्पष्ट किया गया कि ई-केवाईसी का कार्य कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार द्वारा तथा निबंधन का कार्य राजस्व कर्मियों द्वारा किया जा रहा है, इसलिए दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

अंतिम दिन को लेकर सख्त चेतावनी

शनिवार को महाअभियान के अंतिम दिन को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को कड़ी चेतावनी दी। मुसहरी, कांटी और कुढ़नी जैसे बड़े प्रखंडों के अपेक्षाकृत खराब प्रदर्शन पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने शनिवार को प्रत्येक अंचल को हर हाल में न्यूनतम 1500 किसानों का निबंधन एवं ई-केवाईसी करने का लक्ष्य निर्धारित किया।
उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि पूरी सक्रियता, तत्परता और गंभीरता के साथ कार्य कर पात्र किसानों का शत-प्रतिशत निबंधन एवं ई-केवाईसी सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।

निष्कर्षत

कुल मिलाकर, मुजफ्फरपुर जिले में चलाया गया यह विशेष अभियान न केवल सफल दिख रहा है, बल्कि इसने सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का एक उदाहरण भी प्रस्तुत किया है। निबंधन एवं ई-केवाईसी की प्रक्रिया ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा का भरोसा दिया है और प्रशासन की पारदर्शिता को और मजबूत किया है। जिलाधिकारी ने किसानों से पुनः अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर अपना निबंधन एवं ई-केवाईसी अवश्य पूर्ण कराएं और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का पूर्ण लाभ प्राप्त करें।

Related posts

भोजपुर:हम पार्टी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने किया कंबल का वितरण।

rktvnews

मोस्टमानू मेले की तैयारी को लेकर जिलाधिकारी रीना जोशी ने मेला समिति के सदस्यों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ की आवश्यक बैठक ।

rktvnews

भारत ने आईटीयू के डब्ल्यूएसआईएस+20 फोरम उच्च स्तरीय कार्यक्रम और ‘एआई फॉर गुड’ वैश्विक शिखर सम्मेलन में भाग लिया।

rktvnews

टैरिफ को तारीफ पढ़ता लगुआ-भगुआ मीडिया और ट्रंप के आगे दंडवत करती छप्पन इंची विदेश नीति।

rktvnews

भोजपुर:गरीबों के बच्चो की शिक्षा और रोजगार की गारंटी करेगा इंडिया गठबंधन : राजेश साहनी

rktvnews

दरभंगा:मतदाता जागरूकता रैली एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित।

rktvnews

Leave a Comment