
RKTV NEWS/गिरिडीह(झारखंड)08 जनवरी। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, फेज 2 अंतर्गत आज प्रखंड विकास पदाधिकारी, पीरटांड़ की अध्यक्षता में मधुबन पंचायत को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मधुबन क्षेत्र में कचरा प्रबंधन एवं प्लास्टिक प्रदूषण रोकथाम से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण (Segregation at Source), गीले कचरे के वैज्ञानिक निपटान, सूखे कचरे के संग्रहण एवं प्रसंस्करण, प्लास्टिक बोतल बैंक की स्थापना, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई की कार्यशीलता, सिंगल यूज़ प्लास्टिक एवं थर्माकोल पर प्रभावी प्रतिबंध, तथा खुले में कचरा फेंकने एवं जलाने पर रोक जैसे विषयों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मधुबन क्षेत्र में फेंके गए प्लास्टिक कचरे को नीचे लाने हेतु श्रमदान पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रशासन, स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संगठनों एवं आमजन की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर कचरा प्रबंधन समितियों की स्थापना का भी निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान मधुबन क्षेत्र में पर्यावरणीय संरक्षण एवं भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया। सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों से समन्वय बनाकर कार्य करने एवं निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।
प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि मधुबन क्षेत्र में प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करना सामूहिक जिम्मेदारी है, और इसके लिए जनभागीदारी एवं निरंतर निगरानी को प्राथमिकता दी जाएगी।
