
व्यवस्थाओं को लेकर भागीरथपुरा के संपूर्ण क्षेत्र को 32 बीटों में किया गया विभाजित

जल वितरण पर नियंत्रण, स्वच्छ पेयजल एवं संपूर्ण सफाई व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस।
इंदौर/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद) 05 जनवरी। कलेक्टर शिवम वर्मा एवं नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने आज जिला प्रशासन और नगर निगम तथा स्वास्थ्य विभाग के अमले के साथ संयुक्त रूप से भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने भागीरथपुरा क्षेत्र में की जा रही पेयजल टैंकर व्यवस्था, सफाई, स्वास्थ्य एवं उपचार संबंधी व्यवस्थाओं का स्थल निरीक्षण कर जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान भागीरथपुरा क्षेत्र के प्रभावित स्थलों पर पेयजल टैंकरों की उपलब्धता, सफाई व्यवस्था, संजीवनी क्लिनिक के माध्यम से उपचार, नागरिकों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। इस अवसर पर कलेक्टर श्री वर्मा एवं निगम आयुक्त श्री सिंघल द्वारा समस्त अपर आयुक्तों, विभागीय अधिकारियों एवं एनजीओ टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बताया गया कि झोन क्रमांक 04 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 11 स्थित भागीरथपुरा क्षेत्र में जल वितरण की पर प्रभावी नियंत्रण हेतु संपूर्ण क्षेत्र को 32 बीटों में विभाजित किया गया है। इन बीटों के माध्यम से जल वितरण पर नियंत्रण, स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति तथा संपूर्ण क्षेत्र में व्यापक सफाई अभियान की कार्यवाही सतत रूप से की जा रही है।
उक्त 32 बीटों में की जाने वाली कार्यवाहियों के नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण हेतु अपर आयुक्त श्री प्रखर सिंह, अर्थ जैन, आकाश सिंह, आशीष पाठक, अभय राजनगांवकर, मनोज पाठक, श्रृंगार श्रीवास्तव एवं नरेंद्र नाथ पांडे को आवंटित बीट क्षेत्रों में संपूर्ण नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण का दायित्व सौंपा गया है।
संबंधित अपर आयुक्त अपने आवंटित बीट क्षेत्रों में प्रतिदिन निरंतर भ्रमण करते हुए नागरिकों से समन्वय स्थापित करेंगे और उनके द्वारा पेयजल, सफाई एवं उपचार से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराया जाएगा। साथ ही दिन-प्रतिदिन की प्रगति एवं स्थिति से वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित रूप से अवगत करायेंगे।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में वर्तमान में टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। टैंकर से प्राप्त पानी को पीने से पूर्व उबालकर एवं छानकर ही उपयोग में लेने के लिए नगर निगम की टीम द्वारा पंपलेट के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों की सतत स्वास्थ्य जांच की जा रही है। यदि किसी भी नागरिक में किसी प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं तो तत्काल प्राथमिक जांच कर आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।
