
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)31 दिसंबर।दुमका जिले के काठीकुंड प्रखंड अंतर्गत नारगंज स्थित पूर्व एसएसबी कैंप परिसर में महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए JSLPS के सहयोग से बासलोई महिला पोल्ट्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा स्थापित पोल्ट्री फीड मिल तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा नव-निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का संयुक्त रूप से उद्घाटन मंगलवार को सम्पन्न हुआ। इन दोनों महत्त्वपूर्ण अवसंरचनाओं के शुभारंभ से ग्रामीण आजीविका, उद्यमिता, पोषण तथा स्वास्थ्य सुरक्षा को एक साथ सुदृढ़ प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि दुमका के सांसद नलिन सोरेन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में माननीय विधायक आलोक सोरेन, जिला परिषद् अध्यक्षा जॉयस बेसरा, उपायुक्त अभिजीत सिन्हा तथा उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम प्रखंड विकास पदाधिकारी सौरव कुमार एवं JSLPS की जिला टीम तथा काठीकुंड प्रखंड के सभी विभागों के कर्मियों के संयुक्त सहयोग एवं बेहतर समन्वय से सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
सांसद नलिन सोरेन ने कहा कि झारखंड की ग्रामीण महिलाएं आज परिवर्तन की धुरी बन रही हैं। स्वयं सहायता समूहों और उत्पादक कंपनियों के माध्यम से उनकी आर्थिक भूमिका मजबूत हो रही है। यह फीड मिल न केवल रोजगार का सृजन करेगी, बल्कि महिलाओं को स्थानीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यमी के रूप में स्थापित करने में बड़ा योगदान देगी।
विधायक आलोक सोरेन ने कहा कि काठीकुंड जैसे क्षेत्रों में आजीविका और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार यहां के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलेगा। महिलाओं और युवाओं को स्वावलंबन की दिशा में अवसर मिल रहे हैं, यह बदलाव का संकेत है।
उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि विकास की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी है जब समुदाय केंद्र में रहे। यह पहल ग्रामीण परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा तथा आजीविका उन्नयन दोनों उपलब्ध कराएगी, जो समग्र विकास के हमारे लक्ष्य के अनुरूप है।
उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान ने कहा कि महिला उद्यमिता की यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। प्रशासन और समुदाय के तालमेल से विकास के ऐसे मॉडल का विस्तार किया जाएगा।
पोल्ट्री फीड मिल स्थानीय महिलाओं की आजीविका उन्नयन के उद्देश्य से स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से मुर्गी पालन करने वाली महिलाओं को अब उच्च गुणवत्ता वाली फीड स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी। इससे उत्पादन लागत में कमी आएगी, आय बढ़ेगी और महिलाएं प्रतिस्पर्धी बाजार में आत्मनिर्भर उद्यमी के रूप में सशक्त पहचान बना सकेंगी। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं से आसपास के ग्रामीण परिवारों को समय पर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे क्षेत्र के स्वास्थ्य संकेतकों में अपेक्षित सुधार आएगा।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी-सह-विक्रय स्टॉल लगाए गए, जिनमें ‘दीदी की दुकान’, ब्राउन अंडा, बाल विकास परियोजना, पौधा संरक्षण आदि के स्टॉल विशेष आकर्षण रहे। महिलाओं की उद्यमी क्षमता को प्रोत्साहन देने हेतु उनके उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शनी की गई।
उद्घाटन अवसर पर विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों को परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया। JSLPS द्वारा फूलो-झानो योजना अंतर्गत ऋण, CIF एवं बैंक लिंकेज सहायता प्रदान की गई। भूमि संरक्षण विभाग द्वारा ट्रैक्टर, पम्पसेट एवं बन पट्टा का वितरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चश्मा एवं MMDP किट दिए गए। बाल विकास परियोजना अंतर्गत नियुक्ति पत्र, गोदभराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित हुए। सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा कंबल वितरण तथा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना के लाभ उपलब्ध कराए गए। आबुआ आवास योजना के लाभुकों का गृह प्रवेश तथा शिक्षा विभाग द्वारा छात्राओं को साइकिल वितरण भी किया गया। साथ ही पात्र लाभुकों को पोषण सामग्री एवं जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
यह बहुआयामी कार्यक्रम ग्रामीण विकास के एकीकृत मॉडल का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिसमें आजीविका, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और उद्यमिता संवर्धन को साथ लेकर आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता परिलक्षित होती है। बासलोई महिला पोल्ट्री प्रोड्यूसर कंपनी की फीड मिल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना से दुमका जिले के ग्रामीण समुदाय, विशेषकर महिलाओं, को आत्मनिर्भर और सशक्त भविष्य की दिशा में ठोस आधार प्राप्त होगा।
