
RKTV NEWS/पटना(बिहार)30 दिसंबर।बिहार सरस मेला ग्रामीण शिल्प एवं उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के साथ ही हुनर और प्रतिभा को भी बड़ा मंच देने की पहल है l यह पहल अब राष्ट्रीय स्तर पर परिलक्षित है और हर हुनरमंद सरस मेला के माध्यम से अपनी क़ाबलियत को प्रदर्शित कर रहा है l सरस मेला हस्तशिल्प, कलाकृतियों एवं व्यंजनों के खरीद- बिक्री के साथ ही ग्रामीण प्रतिभा को भी प्रोत्साहन हेतु बड़ा कैनवाश बन गया है l सरस मेला में सुसज्जित स्टॉल पर एक ओर ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर से निर्मित उत्पादों एवं व्यंजनों को प्रदर्शित सह बिक्री कर रही हैं वहीँ मुख्य सांस्कृतिक मंच पर गीत -नृत्य एवं ओपन एरिया में नाट्य कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नाटक उनकी प्रतिभा को संवार रहे हैं l वहीँ सेमिनार हॉल में समसामयिक मुद्दों पर परिचर्चा दर्शकों का ज्ञानवर्धन कर रहा है।
बिहार सरस मेला ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार के तत्वाधान में जीविका द्वारा 12 दिसंबर 25 से 4 जनवरी 26 तक आयोजित है l 01 जनवरी 26 को मेला का आयोजन स्थगित रहेगा l
मंगलवार की शाम मुख्य सांस्कृतिक मंच पर एक से बढकर एक प्रस्तुतियों ने हर उम्र की प्रतिभाशाली कलाकारों एवं छात्र-छात्राओं से दर्शकों को भाव-बिभोर किया l दर्शक लोक नृत्य, नृत्य नाटिका एवं भाव नृत्य के माध्यम से सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से भी रूबरू हुए l दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना , जीविका तथा महिला एवं बाल विकास योजना के तत्वाधान में मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना पर आधारित सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति की गयी l तत्पश्चात बेटी बचावो-बेटी पढ़ाओ पर आधारित नृत्य नाटिका की प्रस्तुति की गयी l छात्राओं द्वारा नारी शक्ति को प्रदर्शित करते हुए फैशन शो की भी प्रस्तुति हुई l फैशन शो में गाँव से बाहर निकलकर शहर और महानगरों में अपनी पहचान बना रही महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति की झलक दिखाई गयी l
सांस्कृतिक मंच पर नृत्य एवं नाटक की प्रस्तुति करने वाली छात्राओं को दीन दयाल ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत उनके हुनर के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है।नाज़िर बानो, राज्य परियोजना प्रबंधक, जीविका ने मंच संचालन करते हुए दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना एवं महिलाओं एवं किशोरियों के उत्थान के लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति और उससे मिले लाभ से दर्शकों को अवगत कराया गया l अरुण और उनकी टीम ने दर्शकों को बिहार के लोक नृत्यों से दर्शकों को झुमाया l कार्यक्रम का संयोजनआशा कुमारी , परियोजना प्रबंधक, जीविका ने किया।
बिहार सरस मेला में सुसज्जित विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुडी महिला उद्यमियों के स्टॉल ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण को प्रदर्शित कर रहे है।बिहार में जीविका दीदियों द्वारा संचालित शिल्पग्राम, मधुग्राम, जानकी सिलाई केंद्र, दीदी अधिकार केंद्र, दीदी की पौधशाला, महानंदा चाय उत्पादक कंपनी, सहरसा महिला जीविका उत्पादक कंपनी लिमिटेड , श्रेष्ठ जीविका महिला किसान उत्पादक कंपनी समेत सामूहिक तौर पर निर्मित उत्पादों एवं व्यंजनों के स्टॉल बिहार में महिला स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण के उदाहरण पेश कर रहे हैं l
सतत जीविकोपार्जन योजना के स्टॉल पर उपस्थित महिलाओं के चेहरे पर आत्मविश्वास की झलक है l जीविका दीदियाँ अपने स्टॉल पर कुशल बिक्री एवं वित्तीय प्रबंधन एवं कैशलेश खरीददारी को बढ़ावा दे रही हैं l अन्य राज्यों से आई स्वयं सहायता समूह से जुडी महिला उद्यमी बिहार में मिले सम्मान एवं प्रोत्साहन से भाव-बिव्हल हैं।
मेला में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पधार रहे हैं और अपनी लोक संस्कृति, लोककला, परंपरा, हस्तशिल्प, भाषा, लोकगीत, लोक नृत्य एवं देशी व्यंजनों से रूबरू हो रहे हैं। सरस मेला आयोजन के 18 वें दिन सोमवार को एक करोड़ बत्तीस लाख रुपये से अधिक की खरीद-बिक्री हुई है। इन 18 दिनों में खरीद-बिक्री का आंकड़ा लगभग 26 करोड़ रहा है l अनुमानत: 16 लाख से अधिक लोग सरस मेला में आ चुके हैं।
