लोगों को भा रहे पुरानी शैली के हस्तशिल्प और कलाकृतियों के समावेशन।

रविवार के दिन सवा लाख से ज्यादा लोगों ने लिया मेले का आनंद।
RKTV NEWS/पटना(बिहार )28 दिसंबर।विविध रंगी बिहार सरस मेला में लोककला, संस्कृति , हुनर , परंपरा और देशी व्यंजन के साथ ही जन जागरूकता अभियान एवं समसामयिक मुद्दों पर परिचर्चा भी खास है।
संस्कृति, परंपरा , स्वाद, सामाजिक कुरीतियों के समापन हेतु जन जागरूकता अभियान एवं विभिन्न योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक और लाभान्वित करने की कवायद जारी है । बिहार सरस मेला सरस मेला परिसर में नजारा ही कुछ ऐसा है। घर जैसा स्वाद से परिपूर्ण व्यंजन और पुरानी शैली के हस्तशिल्प और कलाकृतियों का समावेशन सभी को भा रहा है। आगंतुक विभिन्न राज्यों से आई महिला शिल्पकारों एवं उद्यमियों और स्वरोजगारियों द्वारा बनाए गए ग्रामीण शिल्प, स्वाद और संवाद से अपने पुरे परिवार के साथ रूबरू हो रहे हैं l
सरस मेला के आयोजन की अवधि एक सप्ताह के लिए बढ़ाई गई है। अब सरस मेला 4 जनवरी 26 तक चलेगा । 01 जनवरी 2026 को मेला का आयोजन स्थगित रहेगा । आयोजन की अवधी मेला के प्रति लोगों के बढे आकर्षण के कारण बढ़ाई गई है l आयोजन के 17 वें दिन रविवार को सवा लाख से अधिक लोग आये।
12 दिसंबर 25 से 04 जनवरी 26 तक आयोजित मेला लोगों के लिए सुकून भरा पल बिताने हेतु एक खुशनुमा स्थल बना हुआ है ।
जीविका, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा गांधी मैदान, पटना में आयोजित सरस मेला ग्रामीण शिल्प और उत्पादों की बिक्री का उत्कृष्ट मंच बना हुआ है। मेला हर उम्र के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सरस मेला में बिहार समेत 25 राज्यों के स्वयं सहायता समूह से आई ग्रामीण शिल्पकार एवं स्वरोजगारी 500 से अधिक स्टॉल और ओपन एरिया में अपने –अपने राज्यों की लोक कला, उत्पाद , शिल्प एवं व्यंजन को लेकर उपस्थित हैं l
शिल्प और उत्पाद के प्रति आगंतुकों का क्रेज ही है कि सरस मेला नित प्रगति की ओर अग्रसर है l 16 दिनों में खरीद-बिक्री का आंकड़ा लगभग 22 करोड़ 75 लाख रूपया पार गया है l शनिवार को लगभग 1 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई l खरीद-बिक्री का यह आंकड़ा स्टॉल धारकों से लिए गए आंकड़ों पर आधारित होता है l खरीद-बिक्री के साथ ही आगंतुकों की संख्या में नित इजाफा हो रहा है l मेला के आयोजन के 16 वें दिन शनिवार को अनुमानत: 80 हजार से ज्यादा मेला के कद्रदान आए l
देशी परिधान, जाकेट, सूट, शर्ट, आयुर्वेदिक पाचक, पुराने कपड़ों से विभिन्न प्रकार के गमले, फूल, फल के पौधे, सीप , मोती एवं कांस्य, पीतल से बने उत्पाद , खादी के झोले, बैकपैक, घर दुकान संस्थान हेतु उत्पाद एवं सजावट हेतु कलाकृतियां, रसोई घर के सामान और बचपने के खिलौने आदि आगंतुकों को लुभा रहे हैं l विभिन्न स्टॉल एवं ओपन एरिया में स्वेटर, टोपी, लहठी की चूड़ियां, हस्तशिल्प , मधुबनी पेंटिंग से संवारते कलाकृतियों के जीवंत निर्माण की प्रकिया के साथ ही देशी एवं पारम्परिक व्यंजन, सिक्की, बम्बू, मधुबनी आर्ट के तहत उत्पादों के निर्माण का जीवंत प्रदर्शन जारी है l
सरकारी एवं गैर सरकारी विभागों के विभिन्न स्टॉल पर आगंतुक सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से रूबरू हो रहे हैं l सेमिनार कक्ष में जिला विधिक सेवा प्राधिकार , पटना द्वारा दो पक्षीय विवादों को सुलझाने आदि को लेकर परिचर्चा का आयोजन किया गया l
सरस मेला परिसर के मुख्य मंच पर प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक कुरीतियों के प्रति जन जागरूकता हेतु लघु नाटकों की प्रस्तुति जारी है। सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत राहुल सहनी, मुस्कान एवं समृद्धि संस्कृति अपने गायन से दर्शकों की वाहवाही लुटी l तानसेन संस्था के कलाकारों द्वारा गायन एवं सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति की गई l तत्पश्चात अरुण और उनकी टीम ने बिहार के लोक नृत्यों की प्रस्तुति से बिहार की संस्कृति से रूबरू कराया l मंच संचालन नाज़िश बानो, राज्य परियोजना प्रबंधक एवं आशा कुमारी, परियोजना प्रबंधक, जीविका ने किया। कार्यक्रम संयोजन निगम , जीविका ने किया।
महिला एवं बाल विकास निगम के तत्वाधान में विद्या केंद्र के कलाकारों द्वारा बाल विवाह एवं दहेज़ प्रथा उन्मूलन हेतु मुख्य मंच पर लघु नाटक की प्रस्तुति की गई l
नाद, पटना के कलाकारों द्वारा पर्यावरण संतुलन हेतु धरती चिल्ला रही है नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गई l
सरस मेला के हरेक स्टॉल पर कैशलेश खरीददारी की व्यवस्था है l इसके साथ ही जीविका दीदियों द्वारा संचालित ग्राहक सेवा केंद्र से रुपये की जमा-निकासी जारी है ।
फ़ूड जोन , फन जोन, पालना घर और बाइस्कोप लुभा रहे हैं l
सेल्फी जोन आई लव सरस, वैशाली का बौद्ध स्तूप और बुद्ध की प्रतिमा के स्पॉट भी आकर्षण के खास केंद्र हैं l

