फासीवाद को पराजित करने और आधुनिक भारत को समाजवादी,धर्मनिरपेक्ष,लोकतांत्रिक बनाने का लिया संकल्प।

फासीवाद के खिलाफ प्रतिरोध होगा तेज:स्वदेश भट्टाचार्य

जिले के सैंकडों पार्टी ब्रांचों में मनाया गया संकल्प दिवस: माले
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)18 दिसंबर।भाकपा माले के पूर्व महासचिव कॉमरेड विनोद मिश्र के 27वें स्मृति दिवस पर आज क्रांति पार्क पूर्वी नवादा आरा में श्रद्धांजलि सभा आयोजित किया गया!सबसे पहले भाकपा-माले पोलित ब्यूरो सदस्य स्वदेश भट्टाचार्य ने झंडोत्तोलन किया!इस दौरान का•बिनोद मिश्र सहित सभी शहीदों के मूर्ति पर माल्यार्पण अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई!उसके बाद भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी सदस्य अभ्युदय ने पार्टी के केंद्रीय कमेटी द्वारा जारी केन्द्रीय आह्वान का पाठ किया !संकल्प सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले पोलित ब्यूरो सदस्य स्वदेश भट्टाचार्य ने कहा कि 1970 के दशक के शुरुआती भयंकर झटके और बिखराव के बाद हमारी प्यारी पार्टी को दोबारा खड़ा करने और संगठित करने से लेकर, 1990 के दशक में संघ-भाजपा के बढ़ते ख़तरनाक हमलों के चुनौतीपूर्ण दौर का मुकाबला करने के लिए पार्टी को तैयार करने तक का•बिनोद मिश्र ने हमारे लिए एक शानदार,गौरवशाली कम्युनिस्ट विरासत हमारे हवाले की है!
उनकी अगुवाई में पार्टी ने संकीर्णतावाद और कट्टरता जैसी कमजोरियों को पीछे छोड़ा,हर तरह की बाधाओं को पार किया,और भारत के इतिहास व समाज को समझने के लिए अपनी मार्क्सवादी समझ को लगातार विकसित व मज़बूत करते हुए व्यापक जन-संघर्षों को खड़ा किया!अलग-अलग मोर्चों और परिस्थितियों के अनुरूप पार्टी की नीतियों का ऐसा जीवटता से भरा क्रांतिकारी ढांचा गढ़ा गया,जो गलतियों से सीखता है,हार से ताक़त बटोरता है और हर हमले का जवाब देता है!
संकल्प दिवस सभा को संबोधित करते हुए कहा भाकपा-माले केंद्रीय जवाहर लाल सिंह ने कहा कि 1989-90 में हमें जो शुरुआती चुनावी कामयाबियाँ मिली थीं,वे ज़्यादा समय तक नहीं टिक सकीं!जल्द ही पार्टी को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा!चुने हुए प्रतिनिधियों का दलबदल, जनसमर्थन में कुछ कमी,और सामंती ताक़तों का तेज़ पलटवार!
उस दौर में एक बार फिर कॉमरेड वीएम की अगुवाई में पार्टी ने संगठन को मज़बूत करके,जनता के बीच और गहरा रिश्ता बनाकर, और विपक्षी राजनीति में पार्टी की संयुक्त मोर्चा नीति को आगे बढ़ाकर इन चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया!आज के नाज़ुक मोड़ पर हमें इसी बुनियादी ताक़त और जुझारूपन को और मजबूती से दोबारा साबित करने की ज़रूरत है!
हाल के बिहार चुनाव ने एक बार फिर हमें चुनावी राजनीति की टेढ़ी-मेढ़ी राह पर पीछे धकेल दिया है! पूरी पार्टी और देश-विदेश में बसे हमारे तमाम शुभचिंतकों ने पूरा साथ दिया,और बिहार में पार्टी ने बेहद जोश और दमखम के साथ चुनावी अभियान चलाया!फिर भी,मोदी सरकार की बेशर्मी से भरी बहुआयामी चुनावी धोखाधड़ी के सामने हम 2020 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनावों में मिली उपलब्धियों को बचा नहीं सके!हमारे वोट लगभग वहीं रहे,लेकिन सीटें 12 से कम सिर्फ़ 2 रह गईं!इस चुनावी झटके से पार्टी को ज़रूरी सबक लेने होंगे और और अधिक मज़बूत होकर पूरे दमखम के साथ मैदान में वापसी करनी होगी!
कार्यक्रम का संचालन भाकपा-माले नगर सचिव सुधीर कुमार सिंह ने किया!राज्य कमेटी सदस्य मनोहर सिंह,राज्य कमेटी सदस्य क्यामुद्दीन अंसारी, अयोध्या सिंह,आइसा राज्य सचिव शब्बीर कुमार,जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम,जिला स्थाई समिति सदस्य जितेन्द्र सिंह,जिला स्थाई समिति सदस्य सदस्य राजनाथ राम,जसम राज्य अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह,आइसा जिला अध्यक्ष विकास कुमार,ऐपवा नगर सचिव संगीता सिंह,बालमुकुंद चौधरी,अजय गांधी,दीना जी,नगर कमेटी सदस्य राजेन्द्र यादव,हरिनाथ राम,बब्लू गुप्ता,मिल्टन कुशवाहा,रौशन कुशवाहा,जयशंकर प्रसाद,अनुप कुमार संतविलास राम,किरन प्रसाद, मिथलेश कुमार,रितेश कुमार,कृष्णा यादव,धन्नंजय सिंह,भोदा यादव शामिल थे!

