
RKTV NEWS/पटना(बिहार )14 दिसंबर ।रविवार को बिहार सरस मेला के प्रति लोगों का रुझान देखते ही बना 80 हजार से अधिक लोग आये और अपने मनपसंद शिल्प, फर्नीचर, कालीन, अगरबत्ती , धुप ,सजावट के सामान, जूते-जूतियाँ ,उत्पादों, परिधानों, गर्म कपडे, दोहर, कंबल शाल . स्टॉल, की खरीददारी करते हुए कतरनी चुडा, कई प्रकार के अचार और सुस्वादु व्यंजनों का लुत्फ़ उठाया।
महज दो दिनों में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई है l मेला 12 दिसंबर से जारी है l 28 दिसंबर 2025 तक चलेगा l
संस्कृति, परंपरा, व्यंजन और लोककला का समागम बिहार सरस मेला के रूप में गांधी मैदान , पटना में आयोजित है।
ग्रामीण विकास विभाग, बिहार के तत्वाधान में बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) बिहार सरस मेला की सूत्रधार है। राष्ट्रीय स्तर के इस बहुउद्देशीय मेला में देश के कोने -कोने से महिला शिल्पकार एवं स्वरोजगारियों द्वारा देशी अंदाज में निर्मित उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद- बिक्री होगी। सरस मेला के आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण शिल्प एवं हुनर को प्रोत्साहन देना है । गांधी मैदान के वृहद कैनवास पर आयोजित बिहार सरस मेला में स्वयं सहायता समूह से जुडी उद्यमी एवं शिल्पकार अपने -अपने प्रदेश के शिल्प, परंपरा, लोककला एवं व्यंजन को अपने गांव -प्रदेश के अंदाज में प्रस्तुत कर रही हैं।
खादी, सिल्क एवं सूती कपड़े एवं परिधान, टेरोकोटा, लकड़ी एवम पत्थर से बने आकर्षक शिल्प, चूड़ियाँ, कंगन, मोती एवं अन्य वस्तुओं से बने कृत्रिम आभूषण सहज ही आकर्षित कर रही हैं । पापड़, दनौरी- अदौरी , अचार, सत्तू, बेसन आदि देशी व्यंजनों के भी स्टॉल आगंतुकों को लुभा रहे हैं l फर्नीचर, कालीन एवं झूले आदि के स्टॉल पर आगंतुकों का रुझान रहेगा। जीविका दीदियों द्वारा संचालित मधुग्राम के स्टॉल पर निर्मित शुद्ध एवं पौष्टिक मधु बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। जीविका दीदियों द्वारा ही संचालित शिल्पग्राम के स्टॉल से परिधानों एवं हस्तशिल्प की बिक्री हो रही है l बिहार सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ ही सतत जीविकोपार्जन योजना के बिहार में सफल क्रियान्वयन की झलक दिख रही है । साथ ही नशा मुक्त बिहार एवं अत्यंत गरीब परिवारों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान की बानगी भी सतत जीविकोपार्जन योजना के स्टॉल पर प्रदर्शित है ।
बिहार के सभी 38 जिलों से कुल 209 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियाँ सूक्ष्म एवं कुशल उद्यमी के तौर पर अपने-अपने क्षेत्र के हस्तशिल्प, उत्पाद एवं मशहूर व्यंजनों को लेकर विभिन्न स्टॉल पर उपस्थित हैं l अन्य राज्यों से 76 स्वयं सहायता समूह से जुडी महिला उद्यमी आई हैं।
बिहार सरस मेला में बिहार समेत 24 अन्य राज्यों में आंध्र प्रदेश, गुजरात , आसाम, छत्तीसगढ़, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, कर्णाटक, केरल, मध्य प्रदेश, मणिपुर, उड़ीसा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, सिक्किम, और तमिलनाडु की स्वयं सहायता समूह की महिला उद्यमी एवं स्वरोजगारी अपने उत्पाद, व्यंजन एवं शिल्प को लेकर शिरकत कर रही हैं।
सम-सामयिक मुद्दों पर आधारित सेमिनार, लोकगीत एवं लोक नृत्य पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीत-गजल और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु जन–जागरण के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुति जारी है l रविवार को नाद, पटना के कलाकारों द्वारा लोगों को पर्यावरण संतुलन के प्रतिजग्रुक करने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गई l नाटक के कलाकारों में राज्निस्ज, राज, अमन, सौरभ, हर्ष, नीलम, फ़िज़ा , चन्दन और शाहदेव आदि थे l
मुख्य मंच पर अरुण एंड ग्रुप के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत लोक गीत एवं नृत्य की प्रस्तुति की गई lझिझिया, जाट-जतिन, कृष्ण लीला, बारहमासा और गोधना की प्रस्तुति स्थानीय स्थानीय द्वारा की गई l कलाकारों में माधव, अरुण, विकास, शिल्पा, सोनाली, दिव्या, निहारिका और सारिका ने अपनी रंग प्रस्तुतियों से दर्शकों को झुमाया।मंच संचालन नजिस बानो, राज्य परियोजना प्रबंधक, जीविका ने किया।
