आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 13 जून। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर सामाजिक स्तर पर आम लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया।यह आयोजन कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन US, दिशा एक प्रयास एवं श्रम विभाग भोजपुर के सयुक्त तत्वाधान में भोजपुर स्थित कोइलवर प्रखंड के खेशरहिया व आरा सदर के करड़ा गांव में संपन्न हुआ। कार्यक्रम मे बतौर मुख्य अतिथि के रूप मे श्रम अधीक्षक जयंत कुमार उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों को कानूनी रूप से जानकारी देते हुए कहां की 14 वर्ष की आयु से नीचे के युवाओं से काम नहीं कराया जा सकता है। ऐसा कोई अगर करता है तो वो कानूनन अपराधी होगा और दंड के भागी बनेंगे। इसलिए ना ऐसा काम करें ना किसी को करने दें बल्कि उन्हें ऐसे गलत काम करने से मना
करें ।बाल अधिकार एवं बाल सुरक्षा कानून पर विस्तार से चर्चा की और समझाने का प्रयास किया।जिला स्तर एवं प्रखंड स्तर पर गठित सभी समितियों पर नियमित बैठक कर कार्यक्रम चला रही हैं । दिशा एक प्रयास की सचिव कुमारी सुनिता सिंह ने बताया की बाल तस्करी में भारत में सबसे अधिक उत्तर प्रदेश, बिहार एवं झारखंड राज्य से लगभग ५२% संलिप्त पाए जाते है और बाल्यवस्था की अवधि के शैशवावस्था में पूर्व व मध्य बाल्यवस्था में होने वाले विकास के बारे में बताया जो कि बच्चों का बचपन कहा जाता है इसे खोने न दे बच्चों को पहले पढाई लिखाई तब कमाई का जिक्र किया। अन्य प्रमुख उपस्थिति में समन्वयक धीरेंद्र कुमार सिंह, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी संजय कुमार कोइलवर, अखिलेश कुमार गड़हनी, अरविंद कुमार चरपोखरी दिशा एक प्रयास के सहायक सुधांशु मिश्रा काउंसलर अनिकेत सिंह, रजत सिंह प्रवीण तिवारी एवम अन्य थे।

