अब गांवों से निकलेंगे राष्ट्रीय धावक: बागपत में खेल सुविधाओं का तेजी से विस्तार।

300 युवा रोज करेंगे प्रोफेशनल स्तर पर अभ्यास, केंद्रीय राज्यमंत्री जयन्त चौधरी ने किया सिंथेटिक ट्रैक का उद्घाटन।

गांवों में लौट रही खेलों की रौनक: बागपत के युवा अब दौड़ेंगे भविष्य की ओर।
RKTV NEWS/बागपत/छपरौली (उत्तर प्रदेश) 29 नवंबर।खिलाड़ियों के जनपद, बागपत में खेल सुविधाओं को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध माननीय राज्यसभा सांसद, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयन्त चौधरी ने आज छपरौली स्थित श्री विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 82 लाख रुपये की सांसद निधि से निर्मित 200 मीटर सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का लोकार्पण किया गया। यह अवसर ग्रामीण अंचल में बढ़ते खेल जागरण का प्रतीक बना जिसने स्थानीय युवाओं की उम्मीदों को नई दिशा देने का काम किया। कार्यक्रम में छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार, जिलाधिकारी अस्मिता लाल और मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
उद्घाटन के बाद जयंत चौधरी ने स्वयं भी युवाओं संग ट्रैक पर दौड लगाकर फिटनेस का संकल्प दोहराया और खिलाड़ियों से संवाद में कहा कि नियमित अभ्यास से ही उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार होते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। बस जरूरत है सही सुविधाओं और मंच की। “स्पोर्ट्स ऐज मेरठ” अभियान के तहत मेरठ को राष्ट्रीय स्तर पर खेल हब बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से 3 वर्षों में 10 करोड़ रुपये की निधि से खेल संरचनाओं को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न जगहों पर स्टेडियम, कोर्ट और अन्य खेल सुविधाओं में निवेश होगा।
यह ट्रैक मेरठ मंडल में अपनी तरह का पहला सिंथेटिक रनिंग ट्रैक है, जिसे यूपीएसआईसी द्वारा महज छह महीने में तैयार किया गया। इसकी गुणवत्ता, डिजाइन और तकनीकी मानक राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप हैं, जिससे यह ग्रामीण क्षेत्र में उपलब्ध होने वाली अब तक की सर्वश्रेष्ठ खेल सुविधाओं में से एक बन गया है। बागपत में एक अत्याधुनिक 5-लेन PU स्प्रे-कोटेड सिंथेटिक ट्रैक का मिलना उस सोच का विस्तार है जो ग्रामीण परिवेश को सीधे राष्ट्रीय खेल संस्कृति से जोड़ता है। यह प्रेरक बदलाव बताता है कि खेल अब केवल शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि गांवों की मिट्टी से भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के धावक निकल सकते हैं।
इस ट्रैक का सबसे बड़ा प्रभाव युवाओं के जीवन में दिखाई देगा, क्योंकि यहां लगभग 300 बच्चे प्रतिदिन सुबह, दोपहर और शाम के अभ्यास सत्रों में यहां प्रशिक्षण ले सकेंगे। यह ट्रैक युवाओं में अनुशासन, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें खेलों से नई उत्साह संग जुड़ने का अवसर देगा। एथलेटिक्स जैसे खेलों में अत्यधिक मेहनत और निरंतरता की आवश्यकता होती है, और यह सुविधा उन्हीं गुणों को विकसित करने के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार करेगी।
बागपत जिले में जिस तेजी से खेल सुविधाओं का विकास हो रहा है, वह यह स्पष्ट संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में यहां के युवा नई दिशा में अग्रसर होंगे। यह ट्रैक न केवल उनके खेल कौशल को निखारेगा, बल्कि उनके मनोबल, मानसिक दृढ़ता और सामाजिक जुड़ाव को भी मज़बूत करेगा। खेलों के माध्यम से युवा अनुशासन सीखते हैं, टीम भावना विकसित होती है और लक्ष्य निर्धारित करना आता है—ये सभी गुण उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण युवक-युवतियाँ अब मैदान पर पसीना बहाकर अपने सपनों के लिए संघर्ष करना सीखेंगे, और यह संघर्ष उन्हें एक स्वस्थ, सशक्त और जिम्मेदार नागरिक बनाएगा।
यह सुविधा राष्ट्रीय अभियानों जैसे “फिट इंडिया” और “खेलो इंडिया” के उद्देश्यों को भी मजबूत करती है। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए इन मिशनों का मुख्य लक्ष्य जन-जन में फिटनेस की भावना जगाना और देशभर से नई खेल प्रतिभाओं को उभारना है। छपरौली का यह ट्रैक इन अभियानों की भावना के साथ पूरी तरह मेल खाता है, क्योंकि अब यहां से वह प्रतिभाएं भी उभर सकेंगी जिन्हें पहले कभी उचित मंच नहीं मिला।
स्कूल स्तर पर प्रतिभा पहचान और प्रशिक्षण की बेहतर व्यवस्था होगी। बागपत का नाम खेल मानचित्र पर और अधिक चमकेगा। इस प्रकार यह ट्रैक छात्रों के सर्वांगीण विकास का आधार बनेगा। शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी यह प्रेरणादायक होगा, क्योंकि अब वे अपने बच्चों को आधुनिक खेल सुविधाओं के साथ बेहतर वातावरण में विकसित होते देख पाएंगे।
इस अवसर पर सांसद जयन्त चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें सही अवसर, सही संरचना और सही प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की है। विधायक डॉ. अजय कुमार ने भी इसे जनपद की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि यह प्रोजेक्ट क्षेत्र की खेल संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
सबसे बड़ी बात यह है कि यह ट्रैक आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। छोटे-छोटे गांवों से निकलने वाले बच्चे यहां आकर अपने सपनों को आकार देंगे। जब बच्चे राष्ट्रीय स्तर के ट्रैक पर दौड़ लगाएंगे, तो उन्हें महसूस होगा कि उनके सपने भी राष्ट्रीय स्तर के हैं। यह भावना ही उनके भीतर नए उत्साह, ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करेगी। युवा अब केवल नौकरी या रोजगार के पारंपरिक रास्तों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि खेलों को करियर के रूप में अपनाकर नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार होंगे।
अंततः यह सिंथेटिक रनिंग ट्रैक बागपत जिले की नई पहचान बनने जा रहा है। यह केवल एक खेल सुविधा नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के सपनों को पंख देने वाला वह मंच है जो आने वाले वर्षों में सैकड़ों एथलीटों को जन्म देगा। यह ट्रैक उस परिवर्तन की शुरुआत है जिसे आने वाली पीढ़ियाँ “बागपत खेल पुनर्जागरण” के नाम से याद करेंगी।
इस अवसर पर कार्यक्रम में जिलाधिकारी अस्मिता लाल,मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव,छपरौली विधायक डॉक्टर अजय कुमार ,पूर्व मंत्री कुलदीप उज्जवल,जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर,डॉक्टर अनिल आर्य,धीरज उज्जवल, विद्यालय प्रबंधन, सहित आदि गण मान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण रहा और युवाओं ओर कार्यकर्ताओ ने माननीय मंत्री का उत्साहपूर्ण स्वागत किया।

