नारनौल/महेंद्रगढ़ 19 जनवरी। बच्चे हमारे देश का भविष्य है। ये स्वस्थ रहेंगे तो देश आगे बढ़ेगा। सरकार भी बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बहुत गंभीर है। ऐसे में सभी विभाग के अधिकारी 15 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर टीम भावना से कार्य करते हुए बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली दिलाना सुनिश्चित करें। यह निर्देश उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने आज लघु सचिवालय में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारी को लेकर बुलाई अधिकारियों की बैठक में दिए।
डीसी ने कहा कि अगले माह 15 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। बच्चों के पेट में कीड़े होने के कारण उनकी आंत में इंफेक्शन होता है और बच्चे अस्वस्थ रहते हैं। बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए सरकार के निर्देश अनुसार जिला प्रशासन महेंद्रगढ़ 3 लाख से अधिक बच्चों व लक्षित युवाओं को 15 फरवरी को एल्बेंडाजोल की गोली देना सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में चलने वाले इस कार्यक्रम में विशेष रूप से महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग व पंचायती राज विभाग की विशेष भूमिका रहेगी। उन्होंने बताया कि जो बच्चे व लक्षित समूह 15 फरवरी को एल्बेंडाजोल गोली लेने से चूक जाएगा उसे 20 फरवरी को मॉक अप राउंड के तहत गोली दी जाएगी।
इस बैठक में सीएमओ डॉ रमेश चंद्र आर्य, डीडीपीओ आशीष मान, जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी संगीता यादव, डिप्टी सीएमओ डॉ नरेंद्र, डा दीपक, डा पंकज के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।
इस तरह होंगे सभी बच्चे व लक्षित समूह कवर
उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनबाड़ी वर्कर के माध्यम से 1 से 5 वर्ष तक के बच्चे कवर किए जाएंगे। इसके अलावा 6 से 19 साल तक के बच्चों को सभी सरकारी तथा निजी स्कूलों में अध्यापकों के माध्यम से एल्बेंडाजोल गोली दी जाएगी। इसी प्रकार आशा वर्कर स्कूल आने जाने वाले बच्चे तथा 20 से 24 वर्ष की प्रजनन आयु (डब्ल्यूआरए) की महिलाओं को इस कार्यक्रम के दौरान कवर करेंगी।
यह है सही डोज का तरीका
उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने बताया कि एक से दो वर्ष के बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली देने के लिए सबसे पहले गोली को दो साफ चम्मचों के बीच आधा तोड़ ले और उसमें साफ पानी मिलाकर बच्चों को दें। ध्यान रहे इस उम्र के बच्चों को आधी गोली पीसकर ही देनी है।
2 से 3 आयु वर्ष के बच्चों को पूरी गोली देनी है। इसे भी दो चम्मचों के बीच में पीसकर पानी के साथ देनी है।
तीन से 19 साल के बच्चों को पूरी गोली देनी है। इस उम्र के बच्चों को यह गोली चबाकर खानी है। गोली हाथ की बजाय चम्मच से लेनी है। बाद में थोड़ा पानी पिलाया जाना चाहिए।
