
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)25 नवंबर। सोमवार को श्री सीताराम विवाह महोत्सव महावीर मंदिर रमना मैदान,आरा राष्ट्रीय महिला परिषद माचा महिला सेवा समिति के द्वारा दूसरे दिन प्रातः बेला पर देवी देवताओं का पूजन वैदिक रीति रिवाज से ज्योति पाठक,मनीष मिश्रा द्वारा करवाई गई। तत्पश्चात मानस पाठ का कार्य प्रारंभ हुआ।
पाठकर्ता शशि भूषण महाराज ने मानस पाठ के अंतर्गत भगवान का रहने का स्थान बताया ईश्वर हर जगह विरजमान है सिर्फ भाव से उन्हें प्रकट किया जा सकता है भाव ही तो संसार का ईश्वर मंदिर में नहीं रहते बल्कि भक्तों के हृदय निवास करते हैं ।
वहीं दोपहर मे श्री राम जानकी विवाह का मटिकोड महिला समिति के द्वारा मांगलिक गीत गाते हुए ” कहां के पियर माटी कहां के कुदार है कहां के पांच सुहागिन माटी कोड़े जाते हैं ” लीला सिंह, लालती सिंह, उषा पाण्डेय, विमला सिंह, उर्मिला सिंह, मिथलेसी देवी, गुड़िया देवी, गौरी देवी, राधा शर्मा, प्रतिमा मधुकर, सुनीता देवी, सीमा मिश्रा, संतोसी देवी, कबिता देवी, बबिता श्रीवास्तव, राधिका देवी, नंदनी देवी, माधुरी चौरसिया, शीला सिंह आदि महिलाओं ने गीत और वास्तविक प्रस्तुत से सबको हर्षित कर दिया।
दोपहर उपरांत श्रीमद भागवत कथा व्यास श्रीधाम वृन्दावन धाम से पधारे प्रेममूर्ति प्रदीप महाराज ने कथा मे संसार कि परिभाषा बताता जो हर दिन आपके हाथो से निकलता जा यही संसार है, जो आज वह कल नहीं जो कल वह परसो नहीं जो परसो वह वर्षो नहीं, मिथ्या यह संसार जितने हम संसार मे फसेंगे उतनी ही ईश्वर से दूर होते जाते है।जिस तरह इस आयोजन 15 वा वर्ष हो गई, ठीक उसी तरह जीवन वयर्थ मे विताना अपने जीवन को खेल मे विताना या अहंकार मे जीना ,ना जाने कब अंतिम सास लेंगे, अपनी खुशी मे खुश होना ये इंसानियत नहीं वह इंसान नहीं वह तो राक्षस है ।
कल श्री राम जानकी विवाह उत्सव है जिसके उपलक्षय मे यह आयोजन महिला समिति द्वारा निरंतर निर्विघ्र प्रभु कि असीम कृपा से सुचारु रूप से पूर्ण होती आ रही है। श्रीमद भागवत पूजन महिला समिति कि अध्यक्ष लालती सिंह, प्रतिमा जी ने पूजन किया उसके बाद भागवत कथा मे प्रसाद विष्णु प्रसाद जिसमे मुन्ना बजरंगी, आशुतोष बजरंगी, रजनीश राजन उपस्थित क़े तरफ से किया गया।
