
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)23 नवंबर।बच्चों में उनके व्यक्तित्व और प्रतिभा को निखारने के लिए नाट्य संस्था द्वारा सराहनीय प्रयास किया गया,जिसका परिणाम सामने है नाटक के विभिन्न विधाओं को सीखकर बच्चे उत्साहित हैं।यही सफलता का मानदंड भी। इसका साक्षी बना यादव विद्यापीठ मौला बाग आरा जहां सुबह से ही सैकड़ों बच्चे संगीत की धुन पर थिरकते दिख रहे। कल तक कला की विभिन्न विधाओं से अपरिचित थे अब उन्होंने अपने जीवन में कई रंगों को पहचाना शुरू कर दिया है। ये जीवन जीने की कला सीख रहें हैं।
12 नवंबर से बिहार पटना की चर्चित नाट्य संस्था सूत्रधार द्वारा आयोजित 10 दिवसीय नाट्य कार्यशाला में भाग ले रहे हैं। लगभग 35-40 की संख्या में यह बच्चे प्रतिदिन यादव विद्यापीठ मध्य विद्यालय, मौलाबाग पहुंच रहें हैं। इन बच्चों के स्वर एक हो चुके हैं। इनकी बोली एक हो चुकी है। इनका शोर, इनका उल्लास-उमंग सब कुछ एक जैसा दिख रहा है और यह प्रयास संस्था सूत्रधार के जुझारू और वरिष्ठ सदस्य कलाकार का है।
कोई नृत्य, तो कोई नाटक तो कोई संगीत सीख रहे थे। आप जिधर भी देखिए बच्चों की अपनी धुन है। कार्यशाला के बच्चे अब धीरे-धीरे अपनी बात रखनी शुरू कर दी है। संगीत के सारेगामा से लेकर अभिव्यक्ति के सबसे सशक्त माध्यम नाटक से भी जुड़ चुके हैं।
कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में अनिल कुमार सिंह, अंबुज कुमार, बीरेंद्र ओझा, भरत आर्य, आकांक्षा प्रियदर्शी, मुकेश कुमार, लड्डू भोपाली, आरती देवी, सुमन कुमार, सहित अन्य प्रशिक्षक हर बच्चों के पीछे मेहनत से लगे हुए थे। संस्था के महासचिव नवाब आलम कहते हैं कि सूत्रधार रोज-ब-रोज काम करने वाली संस्था है ये केवल नाटक मात्र के लिए ही काम नहीं करती बल्कि सामाजिक मुद्दों को लेकर आम आवाम तक जाने वाली महत्वपूर्ण संस्था है। आरा में चल रही 10 दिवसीय निःशुल्क प्रस्तुतिपरक नाट्य कार्यशाला का भव्य समापन हुआ। नाट्य संस्था सूत्रधार द्वारा यह आयोजन किया गया, जिसमें छात्र छात्राओं ने बढ़ चढकर हिस्सा लिया। कार्यशाला का समापन 22 नवंबर को रखा गया था जिसमें कार्यशाला में तैयार नाटक “जीवन अनमोल है” कि प्रस्तुति स्कूल के छात्र छात्राओं द्वारा की गई । नाटक में मंच पर संकल्प, पुष्पांजलि, गीतांजलि, स्वीटी, सोनी, अंजलि, अंकुर ने अपने अभिनय का जादू बिखेरा। मंच परे प्रिय कुमारी, ऋषिका कुमारी, अभिनंदन कुमार, पृथ्वी कुमार ने समूह गायन किया। इस अवसर प्राचार्य अनिल कुमार सिंह के साथ साथ शिक्षक अमरनाथ प्रसाद, विद्या प्रकाश सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। आयोजन समिति से जीशान आलम, आसिफ हसन, मुकेश कुमार, जुनैद, सैफ, शिवम् कुमार व अन्य शिक्षक, कलाकार एवं सदस्य उपस्थित रहे।
