
RKTV NEWS/पटना(बिहार)19 नवंबर।भारत में समाजवादी धारा के सबसे पुराने स्तंभों में से एक सच्चिदानंद सिन्हा के निधन पर माले महासचिव कामरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सभी प्रियजनों के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त की.
उन्होंने 2023 में मुज़फ़्फ़रपुर स्थित उनके घर पर हुई अपनी संक्षिप्त मुलाक़ात की तस्वीर साझा करते हुए सच्चिदानंद सिन्हा को याद किया.
उन्होंने कहा की सच्चिदानंद सिन्हा भारत की समाजवादी परंपरा के गौरवशाली प्रतीकों में से एक थे. 97 वर्षीय यह समाजवादी चिंतक और लेखक अपना अधिकांश समय बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले के मुसहरी स्थित अपने पैतृक घर में बिताते रहे .
मुलाक़ात के दौरान उन्होंने एक छात्र के रूप में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के अपने अनुभव सुनाए, जो अत्यंत प्रेरणादायक थे.
वे अपने जीवन के अंतिम क्षणों तक देश की राजनीतिक परिस्थितियों पर सजग नज़र रखते रहे और इस विश्वास पर अडिग रहे कि भारतीय जनता फासीवादी अवरोधों को पार करते हुए भारत की लोकतांत्रिक यात्रा को आगे बढ़ाएगी. सच्चिदा जी और उनके जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष—जिन्होंने ब्रिटिश उपनिवेशवाद की पराजय अपनी आँखों से देखा था—हमें यह भरोसा देते हैं कि उपनिवेशवाद के फासीवादी वारिस भी वैसी ही करारी पराजय झेलेंगे.
