RKTV NEWS/अनिल सिंह 07 जून। देश की सुरक्षा में प्राणों की आहुति देने वाले विद्यानंद जी की चौबीसवीं शहादत दिवस आरा के शहीद विद्या भवन में उत्साह पूर्ण माहौल में मनाई गई।इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्षा आशा देवी ने कहा कि शहीद विद्यानंद जी की मूर्ति लगाने के लिए हम लोगों ने जिला परिषद से प्रस्ताव पारित किया है और मैं इस सभा को विश्वास दिलाती हूं कि मूर्ति लगा कर रहूंगी।
मुख्य वक्ता डॉक्टर दुर्ग विजय सिंह (पूर्व कुलपति, जयप्रकाश विश्वविद्यालय) ने कहा कि इस विद्या भवन में मुझे आकर बहुत खुशी हो रही है। शहीद के नाम पर एक विद्यालय का निर्माण उनके गृह क्षेत्र शांति निकेतन की तरह हो। इसी प्रकार हमलोग शहीद के नाम को सर्वोच्च ऊंचाई तक पहुंचा सकते हैं।
, जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवम् राजनीतिक शोध संस्थान, पटना के नरेंद्र पाठक जी ने निदेशक ने अपने वक्तव्य में कहा की ” शहीदों के मजारों पर लगेंगे हर बरस मेले” यहां मेले का मतलब भीड़ भाड़ से नहीं है। मेला एक मानसिक अवस्था है। यहां शहीद के विचारों को धरातल पर उतरना है। उनकी जीवंतता को मेला में प्रवर्तित करना है। शहीद विद्या नंद की एक मूर्ति इस जिला परिषद के प्रांगण में लगना चाहिए। मैं इसके लिए सरकार से हर संभव प्रयास करूंगा।
शहीद विद्यानंद सिंह स्मृति संस्थान के संरक्षक पवन श्रीवास्तव ने शहीद के शहादत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम लोग शहीद के गांव पर भी कार्यक्रम आयोजित करें। उस क्षेत्र की जनता की भावनाओं को भी समझे।
भाई ब्रह्मेश्वर ने कहा कि हमें शहीद के शहादत से प्रेरणा लेकर पहले अपने घर और गांव के नव निर्माण करने का संकल्प लेना होगा।डॉ कमल सिंह ने कहा कि हमलोग शहीद के शहादत के क्रम एक दूसरे से मिलते हुए एक परिवार की तरह हो गए हैं। इस विद्याभवन में विद्यानंद की वीरता को याद करते हुए, हम गौरवान्वित हो जाते हैं।नंदकिशोर सिंह यादव ने वीर रस के गीत से शहीद के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित की। राजेश दुबे, ने कहा कि इस सभागार में चौबीसवां शहादत दिवस हम लोग मना रहें हैं, यह साधारण बात नहीं है यह जिला की गौरव की बात है। अधिवक्ता देवेंद्र प्रसाद ने अपने क्रांतिकारी विचार रखे। डॉ नीरज सिंह, ने प्रस्ताव रखा की शहीद के नाम पर संदेश में एक विद्यालय का निर्माण हो। सुशील श्रीवास्तव, ने अपने संस्मरण में बताया कि कैसे इस भवन को विद्यानंद के नाम से जोड़ा गया। भीम सिंह भवेश, पवन श्रीवास्तव,जो इस कार्यक्रम के संरक्षक हैं ने कहा कि यह कार्यक्रम हर वर्ष मनाया जाता है जो बड़ी बात है। अगले वर्ष इसे और भी भव्य तरीके से मनाया जाना चाहिए।भीम सिंह भावेश ने शहीद से अपने जुड़ाव की बात कही और कहा कि इस नाम के गौरव को धूमिल नहीं होने देना है।कार्यक्रम का संचालन मनीष प्रसाद ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डी राजन ने किया।कार्यक्रम के अंत में शहीद की पत्नी वीरनारी पार्वती देवी को अतिथियों ने साल दे कर सम्मानित किया। शहीद की बेटी अनुष्का ने पिता की शहादत पर कविता सुना कर सबको भाव विभोर कर दिया।अंत में एन सी सी के बच्चों को शहीद विद्यानंद स्मृति मेडल से सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में मनोज सिंह (अहमदाबाद) सतेंद्र कुमार उपाध्याय, प्रांशु कुमार उपाध्याय, अमरदीप कुमार जय, बिनोद सिंह (पूर्व मुखिया), रामसकल सिंह भोजपुरिया, नाथूराम, अशोक मानव, उमेश सुमन, रामानंद सिंह, अजय सिंह, जिला परिषद सदस्य जिप्सा आनंद सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

