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बागपत:जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक में विभिन्न योजनाओं की हुई समीक्षा।

जिलाधिकारी ने दिए निर्देश, अस्पतालों में शुचिता, संवेदना और व्यवस्था एक साथ दिखनी चाहिए।
सभी स्वास्थ्य इकाइयाँ पारदर्शी और उत्तरदायी ढंग से करें कार्य, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई।
पीसीपीएनडीटी एक्ट का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें, लिंगानुपात बढ़ाने के प्रति प्रशासन गंभीर।
हर जरूरतमंद तक टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 की जानकारी पहुंचाने के निर्देश।
नेत्र शिविरों से जागरूकता में आई वृद्धि, बढ़ रही है स्क्रीनिंग और उपचार दर, सभी ब्लॉकों में लगेंगे निशुल्क नेत्र जांच कैंप।

RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)31 अक्टूबर। जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने, योजनाओं के लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने और आमजन तक योजनाओं के लाभ पारदर्शी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद की सभी स्वास्थ्य इकाइयाँ पूर्ण शुचिता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। मरीजों के साथ व्यवहार शालीन और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए, क्योंकि स्वास्थ्य सेवाएँ केवल उपचार नहीं बल्कि विश्वास का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या नियमविरुद्ध कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रत्येक चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी यह सुनिश्चित करें कि अस्पतालों में साफ-सफाई, समय पर दवा उपलब्धता, और मरीजों को बुनियादी सुविधाएँ बिना किसी भेदभाव के प्राप्त हों। सभी अस्पतालों में रंग-कोडित बेडशीट व्यवस्था लागू की जाए, एक्सपायर दवाओं को तुरंत हटाया जाए तथा रिकॉर्ड और रजिस्टरों का अद्यतन रखा जाए। सीएमओ को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक सप्ताह निरीक्षण कर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि स्वास्थ्य सेवाएँ पूरी क्षमता से जनसामान्य तक पहुँच सकें।
आयुष्मान भारत पीएम जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों के 38,341 के लक्ष्य के सापेक्ष 17,010 कार्ड बनाए गए हैं, जोकि 44.36 प्रतिशत की प्रगति है। जिलाधिकारी ने योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने और वृद्धजनों को प्राथमिकता से कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि वृद्धाश्रमों में सभी के कार्ड सुनिश्चित किए जाएं और आयुष्मान कार्ड सैचुरेशन प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया जाए।
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में लक्ष्य 2,763 के सापेक्ष 2,822 रोगी चिन्हित किए गए हैं, जो 102 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाते हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निक्षय मित्र स्वयंसेवकों के सहयोग से टीबी रोगियों को पोषण पोटली वितरित की जाए। उन्होंने सीएचओ टेली कंसल्टेशन की औसत संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए, जो वर्तमान में प्रति सीएचओ मात्र चार रही है।
राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा में बताया गया कि जनपद में वर्तमान में 35 कुष्ठ रोगी हैं। वहीं जननी सुरक्षा योजना में सितंबर माह तक 8,053 के लक्ष्य के सापेक्ष 5,880 प्रसव हुए हैं, जो 73 प्रतिशत प्रगति है। मंत्रा एप पर सभी सरकारी प्रसवों की प्रविष्टियां पूर्ण की जा चुकी हैं। जननी शिशु सुरक्षा योजना के अंतर्गत ड्रॉप बैक लाभार्थियों का प्रतिशत 95 रहा और प्रसव उपरांत 48 घंटे तक रुकने वाले लाभार्थियों की संख्या 90 प्रतिशत रही। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रसूता को प्रसव उपरांत 48 घंटे तक समुचित देखभाल, भोजन आदि उपलब्ध कराया जाए।
फर्स्ट रिस्पॉन्डर यूनिट्स की समीक्षा में बताया गया कि सितंबर में प्रसवों की संख्या 845 से बढ़कर 914 हुई है तथा सीजेरियन की संख्या 57 से बढ़कर 95 हुई है। जिलाधिकारी ने कहा कि यह यूनिट अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें अतिरिक्त निजी चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का 100 प्रतिशत भ्रमण किया गया। 23,842 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई जिसमें 1,158 बच्चों को चिन्हित कर उपचार दिया गया और 14 को एनआरसी हेतु रेफर किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अति कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भेजा जाए और सभी सीएचसी में एनआरसी सक्रिय रहे।
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम में सितंबर माह में मलेरिया जांच 73 प्रतिशत से बढ़कर 91 प्रतिशत हुई। परिवार नियोजन के अंतर्गत पुरुष नसबंदी में लक्ष्य 90 के सापेक्ष 23 एवं महिला नसबंदी में 790 के सापेक्ष 633 हुई है। जिलाधिकारी ने प्रचार-प्रसार और जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम में मोतियाबिंद ऑपरेशन 33 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत हुए हैं। 418 दृष्टिदोषयुक्त बच्चों को चश्मा वितरित किए गए। अक्टूबर माह में 33 नेत्र शिविर आयोजित हुए, जिनमें 1,979 की स्क्रीनिंग की गई, 135 मरीज चिन्हित हुए तथा 13 का ऑपरेशन पूरा हुआ। शेष को ऑपरेशन हेतु प्रेरित किया जा रहा है। एडीके जैन आई हॉस्पिटल, खेकड़ा को विभिन्न ब्लॉकों में निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर लगाने की अनुमति दी गई है। अब तक वार्षिक लक्ष्य 16,204 के सापेक्ष 8,102 मोतियाबिंद ऑपरेशन पूरे हो चुके हैं।
जिलाधिकारी ने पीसीपीएनडीटी एक्ट की नियमित मॉनिटरिंग करने, समिति को सक्रिय रखने और एक्ट के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए। अक्टूबर में पांच निरीक्षण हुए और सलाहकार समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह समिति अपने दायित्वों को गंभीरता से समझकर कार्य करे। जनगणना 2011 के अनुसार जिले का लिंगानुपात 861 और छह वर्ष तक के बच्चों का 841 है। वर्तमान में जनपद में कुल 49 पंजीकृत केंद्र कार्यरत हैं।
वीएबी फैमिली कन्वर्जन की प्रगति सितंबर में 44 प्रतिशत से बढ़कर 62 प्रतिशत हो गई है। विभाग को स्थानीय लोगों से समन्वय बनाकर शत प्रतिशत उपलब्धि का लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने आशा कार्यकर्ताओं के कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि जनपद में कुल 1,094 पदों के सापेक्ष 1,046 आशाएं कार्यरत हैं। 45 रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए और कार्य में रुचि न लेने वाली आशाओं की सेवा समाप्त की जाए। उन्होंने कहा कि आशाएं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं, इसलिए उन्हें अपने दायित्व पूरी निष्ठा से निभाने होंगे।
मातृत्व के दौरान इस माह 06 मृत्यु के मामलों में कमी लाने हेतु निर्देश दिए गए। आरसीएच कार्यक्रम में माताओं के पंजीकरण में 94.19 प्रतिशत तथा बच्चों के पंजीकरण में 99.26 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है।
बैठक में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने मानसिक स्वास्थ्य को जनपद की प्राथमिकता बताते हुए टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 एवं 1800-891-4416 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है, जिसे सामान्य स्वास्थ्य से अलग नहीं देखा जा सकता। हर नागरिक को यह जानना आवश्यक है कि तनाव, अवसाद या चिंता की स्थिति में सहायता लेना कोई कमजोरी नहीं बल्कि जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालयों, कॉलेजों, कार्यालयों और ग्राम पंचायत स्तर पर इस हेल्पलाइन की जानकारी प्रसारित की जाए ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति समय पर सहायता प्राप्त कर सके।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ब्लॉक में कौन से रोग अधिक आ रहे हैं, इसका विश्लेषण कर उसके अनुसार प्रभावी मॉनिटरिंग कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई ढिलाई न बरती जाए और हर नागरिक तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ तीरथ लाल, डिप्टी सीएमओ यशवीर सिंह सहित समिति सदस्य एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

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