
RKTV NEWS/पटना(बिहार)31 अक्टूबर। गुरुवार को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा बिहार प्रदेश द्वारा विधानसभा चुनाव 2025 में कायस्थों की उपेक्षा और दरकिनार करने को लेकर संवाददाता सम्मलेन का आयोजन किदवईपुरी हौल में प्रांतीय पदाधिकारीयों की उपस्थिति में आयोजित हुआ। प्रदेश अध्यक्ष राजीव रंजन सिन्हा ने बिहार के सभी मतदाताओं से कहा की अपने कायस्थ परिवार को पहचाने,किसी दल का हो या निर्दलीय कायस्थ प्रत्याशी को एकमुश्त वोट दे,या फिर नोटा। वोट को ही अपना ताकत और हथियार बनाकर एकजुटता प्रदर्शित करें। यहीं समय की मांग और महासभा की अपील भी है।
इन्होंने स्पष्ट कहा की राजनीतिक पार्टियां समाज को छलने,और हासिए का लाने की साज़िश कर रही है और अब स्पष्ट देखने को मिल रहा है। पहले कांग्रेस ऐतिहासिक महापुरुषों को राष्ट्रीय पटल से हटाया, उनके इतिहास और योगदान को नामोनिशान मिटाते मिटाते स्वयं मिटने के कगार पर है। वर्तमान दौर में भी यहीं रणनीति के तहत कायस्थों को किनारे किया गया है जो आत्मघाती कदम है।
श्री सिन्हा ने कहा कि अब समाज को किसी पार्टी के नेता व किसी लालच में आने की ज़रूरत नहीं, बल्कि अपने समाज के उम्मीदवार को ही खुलकर समर्थन दे। इन्होंने बताया कि कायस्थ समाज शत-प्रतिशत भाजपा व उसके सहयोगी दलों को मतदान करता है लेकिन समाज और नेताओं की उपेक्षा अब स्वीकार नहीं है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर वर्तमान तक देश के विकास में सहयोगी रहने के बाद भी कुत्सित प्रयास अशोभनीय है। आज़ादी की लड़ाई में यही के बटुकेश्वर दत्त, खुदीराम बोस, फुलेना प्रसाद श्रीवास्तव जैसे वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी।स्वतंत्र भारत के निर्माण में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, सुभाष चंद्र बोस, लाल बहादुर शास्त्री और जयप्रकाश नारायण जैसे कायस्थ नेताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।अब इनके परिवार के लोग कमजोर, निकम्माऔर राजनीति के लायक नहीं है।ऐसा दुस्साहस करने वाले को सबक सिखाना जरूरी है। कभी मौका है
“अपने मताधिकार का प्रयोग सिर्फ कायस्थ उम्मीदवारों के पक्ष में करें और समाज की ताकत को दिखाएँ।
इस मौके पर प्रदेश महासचिव माया श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनय कुमार सिन्हा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकेश कुमार, सचिव संजय सहाय, प्रदेश उपाध्यक्ष डा दिनेश प्रसाद सिन्हा, दीप सिखा और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
