वृक्ष है तो प्रकृति है,प्रकृति है तो हम है! पौधो के रोपण के साथ साथ हमें पौधों के संरक्षण पर ध्यान देने की है जरूरत : डॉ अर्चना सिंह
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 05 जून। विश्व पर्यावरण दिवस पर यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की भोजपुर इकाई द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मझाउवा ठाकुरबाड़ी में पौधारोपण का कार्यक्रम चलाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरीय नेत्र चिकित्सक डॉक्टर एस के रूंगटा ने किया। इस अवसर पर पर यूथ हॉस्टल के वरीय सदस्य उपस्थित रहे। चेयरपर्सन डॉ अर्चना सिंह ने पौधारोपण के बाद हर्ष व्यक्त करते हुए कहा की एसोसिएशन प्रतिवर्ष प्रकृति को बचाने के लिए पौधारोपण करते आ रहा है ।इसी क्रम में आज 51 फलदार पौधों को लगाया गया जिसमें पीपल, अमरूद, निंबू ,शरीफा, जामुन, श्रीफल आदि रहा।
उन्होंने बताया कि इन्हीं पौधों से हम सबों को लकड़ियां, दवा, फल ,फूल तथा जलावन और फर्नीचर के सामान मिलते हैं। उससे भी महत्वपूर्ण है कि मनुष्य द्वारा विसर्जित विष रूपी कार्बन डाइऑक्साइड को यह पौधे अवशोषित करते हैं और उसे प्राणवायु ऑक्सीजन में बदलकर हमें देते हैं,जिससे सभी जीवित है। अध्यक्षीय भाषण में डा एस के रूंगटा ने कहा की हम सभी अपने स्वार्थ में अंधाधुन वृक्षों की कटाई किए जा रहे है, जिससे पूरे विश्व में पर्यावरण का खतरा मंडरा रहा है। अतिवृष्टि अनावृष्टि, बाढ़,सुखाड़ ,सुनामी , तापमान का बढ़ना, अनेक खतरों को जन्म दे रहा है आज इसका सीधा प्रभाव मनुष्य के जीवन पर पड़ रहा है। एक वयस्क वृक्ष मात्र 2 लोगों को ही अपने ऑक्सीजन से जिंदा रख सकता है इसलिए सबसे सुरक्षित और सरल उपाय है कि हम सभी लगातार वृक्ष लगाएं और और सब को स्वस्थ रखने का प्रयास करें। इस मौके पर डा द्विजेंद्र कुमार किरण,विष्णु शंकर सिंह, अनिल राय ,अजय कृष्णा अग्रवाल ,अभिषेक अग्रवाल ,सुनील नैयर ,कृष्ण माधव अग्रवाल, दिनेश जैन,सरदार गुरुचरण सिंह ,डॉक्टर दिनेश,आदि रहे।


वृक्ष है तो प्रकृति है,प्रकृति है तो हम है! पौधो के रोपण के साथ साथ हमें पौधों के संरक्षण पर ध्यान देने की है जरूरत : डॉ अर्चना सिंह