
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)27 सितंबर।400 वर्ष पुरानी नगर रामलीला समिति के तत्वाधान में बनारस के कलाकारों द्वारा आज सूर्पनखा नक छेदन खरदूषण वध और सीता हरण का मंचन किया गया. जिसमें सूर्पनखा द्वारा राम और लक्ष्मण से शादी करने की गुजारिश की जाती है पर दोनों भाइयों के इनकार करने पर सूर्पनखा आग बबूला हो जाती है और आक्रमण करने लगती है जिससे लक्ष्मण अपने बाणों से उसके नाक को काट देते हैं सूर्पनखा वहां से अपने भाई खरदूषण के पास जाती है और सारा वृत्तांत बतलाती है खरदूषण अपने दल बल के साथ युद्ध करने आता है और उसका वध हो जाता है. इसका बदला लेने के लिए रावण छल से सीता का अपहरण कर लेता है.
सर्वप्रथम संस्था के सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलित कर और आरती उतार कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया उसके पश्चात आए हुए अतिथियों का सत्कार किया गया.
संरक्षक मंडल में महंत 1008 किंकर दास ,लाल दास राय, रामेश्वर प्रसाद, केदार प्रसाद, लक्ष्मी नारायण राय, हाकिम प्रसाद और अध्यक्ष सोनू राय सचिव शंभू नाथ प्रसाद,सह संयोजक संजीव गुप्ता ,कोषाध्यक्ष मदन प्रसाद ,उपाध्यक्ष दिलीप कुमार, गुप्ता उपाध्यक्ष शंभू नाथ केसरी, उपाध्यक्ष संजय महासेठ, पुतुल जी और मीडिया प्रभारी पंकज प्रभाकर शामिल थे.
