
RKTV NEWS/पटना (बिहार)26 सितम्बर।माले महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने आज पटना में पाटलिपुत्र दलित सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि बिहार में चुनाव से पहले एस आई आर का हमला हुआ. वोट के सधिकार की रक्षा के लिए हम लड़ रहे हैं और इसे जीतना है. यह आयोजन बिहार विधान परिषद के सभागार में हुआ.
उन्होंने डॉ.अंबेडकर द्वारा1927 में पानी सत्याग्रह व मनु स्मृति को जलाने की घटना से लेकर संविधान लाने की पूरी प्रक्रिया पर बातें रखी. कहा कि ये दो बड़ी बातें हैं.
1936 में जाति उन्मूलन का नारा पूरी मुक्ति के लिए पुरे समाज को बदल देने का नारा था. मार्क्स ने भी कहा था कि सबकी मुक्ति में ही मजदूरों की मुक्ति होगी.
आरक्षण मिला राजनीति में, शिक्षा मे और नौकरियों में. मीडिया में, न्यायपालिका मे नहीं है. आरक्षण एक बहुत ही छोटे हिस्से को ही मिल पाता है. इसलिए भूमि सुधार जरूरी है ताकि गरीब के हिस्से में जमीन आये और वे आरक्षण का लाभ उठाने की स्थिति में आ सके.
‘शिक्षित बनो, संघर्ष करो, संगठित हो’ डॉ अंबेडकर का नारा था. अगर शिक्षा का हक मिले तो हम क्या नहीं हासिल कर सकते. नई शिक्षा नीति गरीबों-दलितों के शिक्षा अधिकार पर हमला है. जेएनयू पर हमला भी इसी की एक कड़ी है.
हमारे विधायक मनोज मंजिल ने इसी शिक्षा अधिकार के लिए सड़क पर स्कूल आंदोलन छेड़ा. उनको झूठे मुकदमे में फंसाकर सजा दिलवा कर उनकी सदस्य्ता ख़ारिज करवा दी. वे वहीं लोग थे जो भूमि सुधार के भी विरोधी हैं.
नीतीश कुमार ने न्याय के साथ विकास का नारा दिया और दो आयोग बनाये – भूमि सुधार आयोग आयोग और शिक्षा सुधार आयोग. मुछकुन्द दुबे जी ने समान स्कूल प्रणाली की बात की, शिक्षा में सबकी बराबरी की बात की.लेकिन नीतीश कुमार ने दोनों ही आयोगों की रिपोर्ट लागु नहीं की. दोनों ही आयोगों की रिपोर्ट का विरोध करनेवाले लोग कौन थे आज सभी जानते हैं.
बीजेपी ने कहा ‘जहां झुग्गी वहीं मकान’. आज बुलडोजर चलवा रही है. नीतीश के पास गरीबों के लिए जमीन नहीं थीं, अडानी को 1050 एकड़ जमीन एक रूपये में दे दिया गया. मोदी जी बोलते हैं एक पेड़ मां के नाम और वहां लाखों पेड़ कटवा दिए.
पहले जनसंहार हुआ फिर न्याय का संहार का हुआ. हम बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं और इसे जीतेंगे.
मोदी जी बंगालदेशी घुसपैठ की बात करेंगे, शिक्षा, रोजगार की बात नहीं करते.
