
RKTV NEWS/ अनिल सिंह,30 मई।देश में चल रही सियासी हलचल,साथ ही नए संसद भवन को लेकर कई राजनीतिक पार्टियों ने अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं जनता के बीच प्रदर्शित की वही आज बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल यंग बिग्रेड के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य पासवान ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर देश की जनता को जागृत और आगाह करते हुए कहा है की आज देश में लोकतंत्र के नाम पर राजतंत्र की सरकार चलाई जा रही है।देश की जनता को शासक नही प्रशासक चाहिए लेकिन दुर्भाग्य का आलम यह है की भारत की जनता की धर्म और मानवता के प्रति आस्था की आड़ में केंद्र सरकार देश की जनता की भावनाओं का गलत इस्तेमाल कर रही है।देश की जनता को उन्हे सिर्फ धर्म और हिंदुतत्व का मंचन दिखा परदे के पीछे देश के लोकतंत्र की हत्या की जा रही है जो आने वाले समय में जनता के लिए काफी दुखदाई और कष्टकारक होगा।केंद्र की सरकार कोरोना काल से ही सिर्फ पूंजीपतियों और उद्योगपतियों के लिए ही काम कर रही है।जनता को मृत्यु का भय दिखाकर घर में कैद कर दिया गया और धीरे धीरे सरकारी तंत्रों का निजीकरण कर दिया गया। पूंजीपतियों के हित में वर्षों की लड़ाई के पश्चात हासिल किए गए मजदूरों जो देश के सभी वर्गों वो चाहे दिहाड़ी के हो या अन्य विभागों या कारखानों के अधिकारों का भी हनन किया गया है या ये कहते अतिशयोक्ति नहीं होगी की उन्हे बिना बताए कानूनी रूप से गुलाम बना दिया गया है। पूंजीपतियों को कोरोना काल का आर्थिक लाभ बेतहाशा दिया गया लेकिन गरीबों और मंझोले व्यापारियों को आत्महत्या की सौगात।उन्होंने रविवार को नए संसद भवन के हुए उद्धघटन पर कहा की भारत की सबसे बड़े संवैधानिक संस्था के उद्धघाटन पर भी धार्मिक रंग का चोला चढ़ा दिया गया।
जिस तरह से साधु संतो का जमावड़ा था वह किसी तरह से लोकतंत्र के मंदिर के उद्धघाटन में शोभनीय नहीं था क्योंकि यह कोई धार्मिक आयोजन नही था। इससे आज एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी ने यह साबित कर दिया की बिना धर्म के सहारे वह स्वच्छ राजनीति नहीं कर सकती हैं।केंद्र की सत्ता पर काबिज भाजपा को इससे कोई सरोकार नहीं है की देश की जनता किन परिस्थितियों से गुजर रही है। महंगाई आसमान छू रही है,आमदनी घट रही है,बेरोजगारी बढ़ती जा रही है,राजकोषीय घाटा बढ़ गया है जिसके कारण PSU’S बेचे जा रहे है जिसे हिन्दुत्व के आईने से देश की जनता से छुपाया जा रहा है।भाजपा को केवल धार्मिक उन्माद पैदा कर सत्ता सुख अर्जित करना है।
उन्होंने बृज भूषण जैसे यौन शोषण के आरोपी को संरक्षण देने और महिला खिलाड़ी बहनों को सड़क पर बुरी तरह पीटने के कार्य की भी कठोर शब्दों में निंदा की और कहा की यह प्रशासक नही शासक की गतिविधियों को पूर्ण रूप से परिभाषित करता है।उन्होंने शासक की परिभाषा देते हुए बताया की यह कोई कहने की बात नही है वो जनता को साफ दिख रहा है आज हर समारोह योजनाओं में माननीय प्रधानमंत्री ही सारे कार्यों को करते है चाहे वो किसी भी मंत्रालय का हो और अन्य माननीयों द्वारा भी अपने कार्यों का श्रेय भी माननीय प्रधानमंत्री को ही देते देखा जा रहा है।इन सारी विकट परिस्थितियों से देश की जनता को आगाह करते हुए श्री आदित्य पासवान ने अपील करते हुए कहा की अब आम जनता को धर्म से ऊपर उठकर देश को देखने की जरूरत है की भाजपा देश को कहा ले जा रही है।भारत को फिर से कोलोनियल एरा में ले जाया जा रहा है जो सही नही है।उन्होंने इसके विरोध में आवाज उठाने की अपील भी की और वर्षो की लड़ाई के पश्चात देश को मिली आजादी जो धीरे धीरे कब पुनः गुलामी की जंजीरों में जकड़ी मिल जायेगी और आने वाली पीढ़ी के सवालों का जवाब क्या देंगे हम की जब वो पूछेंगे की जब देश को धर्म का सहारा लेकर बेचा जा रहा था तब हमने आवाज क्यों नही उठाई?
