
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)20 सितंबर। शुक्रवार को आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार एवं कार्यशाला में बाल विवाह से गुज़र चुकी 10 साहसी बेटियों ने अपनी आप बीती साझा की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर रोक लगाना और बालिकाओं की शिक्षा, अधिकार व भविष्य को सुरक्षित करना रहा।दिशा एक प्रयास” संस्था ने इस महत्वपूर्ण मंच पर सक्रिय भागीदारी की और पाँच बालिकाओं को प्रस्तुत किया, जिन्होंने साहसपूर्वक अपनी कहानियाँ साझा कीं। इन बालिकाओं में –
सुमन कुमारी,प्रीति कुमारी,नेहा कुमारी,आरती कुमारी
कविता कुमारी ने समाज के सामने न केवल अपनी पीड़ा रखी, बल्कि यह भी बताया कि किस तरह उन्होंने इस कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने का संघर्ष किया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों, समाजसेवियों और सरकारी प्रतिनिधियों ने भी विचार साझा किए। उन्होंने यह संदेश दिया कि जब तक समाज की मानसिकता में बदलाव नहीं आता और शिक्षा एवं जागरूकता की लौ हर घर तक नहीं पहुँचती, तब तक बाल विवाह जैसी कुरीति को जड़ से मिटाना मुश्किल है। सचिव डा सुनीता सिंह ने बताया की दिशा एक प्रयास” ने यह संकल्प लिया कि संस्था आने वाले समय में अधिक से अधिक समुदायों तक पहुँचेगी और बेटियों को उनका अधिकार दिलाने के लिए काम करेगी।यह कार्यशाला न सिर्फ पीड़िताओं की आवाज़ को मंच देने का अवसर थी, बल्कि समाज को जागरूक करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य गढ़ने की दिशा में भी एक ठोस पहल साबित हुई।
