संत रविदास, बाबा साहेब और शहीदों के स्मारक पर माल्यार्पण किया।

भाकपा(माले) विधायक अजीत कुमार सिंह के पांच वर्षो के रिपोर्ट कार्ड का लोकार्पण समारोह को मुख्य वक्ता के बतौर संबोधित किया।
RKTV NEWS/डुमरांव(बक्सर )17 सितंबर।भाकपा(माले) महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य मंगलवार को अपनी एकदिवसीय यात्रा पर बक्सर जिले के डुमरांव पहुंचे. उन्होंने नगर भवन मे डुमरांव के भाकपा(माले) विधायक अजीत कुमार सिंह के पांच वर्षो के कामकाज के रिपोर्ट का लोकार्पण किया. इस मौके पर उन्होंने कहा – बदलो सरकार, बदलो बिहार और वोट चोर, गद्दी छोड़ जन-जन का नारा बन गया है.
डुमरांव से पहले भाकपा(माले) विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह और भाकपा माले) समेत इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं की अगुआई में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और जोरदार नारों के साथ उनका स्वागत किया.
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता के बीच अपने कामकाज का हिसाब दें और जनता उनसे यह मांग करे, यह फर्ज और अधिकार ही लोकतंत्र की खूबसूरती है. इसे और भी मजबूत करना है.
उन्होंने कहा कि डुमरांव महान शहनाई वादक बिस्मिल्लाह की धरती है और उनका कोई स्मृति चिन्ह नहीं था. माले विधायक के प्रयास से उनके नाम पर कला महाविद्यालय की स्थापना हो रही है. यह हमारी गंगा-जमुनी तहजीब के हिफाजत की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा.
उन्होंने कहा कि विधायक फंड की राशि से विकास करना महत्वपूर्ण है लेकिन उतना ही जरूरी है विकास की गरीब विरोधी, किसान विरोधी और रोजगार विरोधी नीतियों को बदलना जो जल-जंगल-जमीन समेत तमाम सम्पत्तियों को अडानी-अंबानी के हवाले कर रही हैँ.
बिहार के नौजवान भारी तादाद मे पलायन करते है. दिल्ली मे भाजपा का नारा था ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान.’ लेकिन ज़ब सरकार बनी तो दिल्ली की झुग्गियों में बसे प्रवासी बिहारियों को उजाड़ दिया गया. अब तो भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग ने एसआईआर के जरिये उनका मताधिकार छीनने का अभियान चला दिया है और उनको ‘बाहरी’ घोषित करने पर आमादा है.
उन्होंने डुमरांव समेत देश भर में 1942 के अंग्रेज भारत छोड़ो आंदोलन के शहीदों को याद करते हुए कहा कि गुलाम भारत में नौजवानों पर गोलियां चली थीं. आज रोजगार कि मांग कर रहे नौजवानों – बर्खास्त किये गए सर्वें संविदा कर्मियों पर – बर्बरता पूर्वक लाठी चल रही है.
कहा कि शहीदे आजम भगत सिंह और बाबा साहेब ने देश में आजादी, लोकतंत्र और बराबरी की भावना को आगे बढ़ाया. हम इसको हर क़ीमत पर आगे बढ़ाएंगे.
उन्होंने कहा कि एसआईआर के खिलाफ हम सबने, इंडिया गठबंधन के दलों ने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी और चुनाव आयोग को तीन-तीन बार पीछे धकेला है.
पहली बार दस्तावेज जमा करने की शर्त हटवाई, दूसरी बार जिनका नाम कटा उसकी सूची जारी करवाई और तीसरी जीत तब हासिल हुई ज़ब आधार को दस्तावेज के रूप में स्वीकार करवाया.
उन्होंने आरा में भाजपा विधायक आरा विधानसभा क्षेत्र के गरीब दलित-अल्पसंख्यक मतदाताओं का नाम कटवाने के लिए प्रशासन पर बनाये जा रहे दबाव का उदाहरण देते हुए कहा कि हमें पूरी सजगता के साथ इसको भी रोकना होगा. उन्होंने कहा कि आज पुरे देश में वोट चोर गद्दी छोड़ का नारा गूंज रहा है.
उन्होंने 1989 में आरा में मताधिकार के लिए चले संघर्ष, जिसमें बिहटा गांव में गरीबों ने अपनी जान गंवाकर वोट डाला था और अपने प्रत्याशी रामेश्वर प्रसाद को संसद भेजा था, का जिक्र करते हुए कहा कि शाहाबाद ने हमेशा आजादी, लोकतंत्र और बराबरी के संघर्ष की अगुआई की है.
उन्होंने कहा कि देश कि आजादी और संप्रभुता खतरे में है. अंग्रेजों से मिली आजादी को केंद्र की संघ-भाजपा मोदी सरकार अमेरिका के हाथों गिरवी रख देने पर आमादा है. अमेरिका से भारतीयों के अपमानजनक निष्कासन और भारी टैरिफ़ टैक्स पर उनकी चुप्पी इसका उदाहरण है.
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने न्याय के साथ विकास का नारा दिया. भूमि सुधार और शिक्षा सुधार का आयोग बनवाया लेकिन उनकी रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया. न्याय के नाम पर उन्होंने पुरे राज्य को अपराधियों व भ्रष्टाचारियों के हवाले कर दिया है.

