नीति आयोग के विभिन्न सूचकांकों को ठीक-ठीक शत प्रतिशत पूर्ण करने का निदेश।
RKTV NEWS/गढ़वा (झारखंड)12 सितंबर।गुरुवार को समाहरणालय गढ़वा स्थित सभागार में उपायुक्त दिनेश यादव द्वारा आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी प्रखंड को लेकर नीति आयोग के विभिन्न इंडिकेटरों पर समीक्षा बैठक किया गया। बैठक में उपायुक्त ने नीति आयोग के 49 प्रमुख इंडिकेटर में मुख्य रूप से प्रमुख 05 सूचकांक यथा- स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास तथा बुनियादी ढांचे जैसे सूचकांको की समीक्षा करते हुए आवश्यक निदेश दिया। थीम वॉइज डेल्टा रैंकिंग में शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसी सूचकांकों पर सुझाव व प्रस्ताव दिया गया। इसके अंतर्गत जिले के 26 बड़े स्कूलों में पेयजल की समस्या को दूर करने, शौचालय की व्यवस्था करने, स्कूलों में बाउंड्री वॉल निर्माण करने समेत विभिन्न बुनियादी आवश्यकताओं को पूर्ण करने हेतु ऐसे विद्यालयों को चिन्हित कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों में पेयजल, विद्युतीकरण, शौचालय, सुचारू रूप से पठन-पाठन जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने समेत बच्चों की उपस्थिति एवं अन्य जरूरी इंडिकेटर पर कार्य करने की बात कही गई।
स्वास्थ्य एवं पोषण की समीक्षा के दौरान मौके पर उपस्थित सिविल सर्जन ने विभिन्न सीएचसी स्तर पर एक्स-रे मशीन की व्यवस्था करने का प्रस्ताव दिया, जिसे उपायुक्त द्वारा विभिन्न सीएचसी, जहां पर एक्स-रे मशीन की व्यवस्था नहीं है, को चिन्हित करने हेतु निर्देशित किया गया। समीक्षा के दौरान गर्भवती महिलाओं को समय पर प्रसव पूर्व देखभाल मिलना एवं पूरक पोषण प्राप्त होना, सभी बच्चों का पूर्ण टीकाकरण करना, हर व्यक्ति की मधुमेह और उच्च रक्तचाप की नियमित जांच कराना आदि सूचकांकों पर बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान गर्भवती महिलाओं का ANC रजिस्ट्रेशन, सभी बच्चों का पूर्ण टीकाकरण, इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी, सेक्स रेश्यो, मालन्यूट्रिशन, एमटीसी सेंटर का संचालन समेत अन्य क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर विशेष फोकस कर कार्य करने का निर्देश दिया। आकांक्षी प्रखंड में भी ANC रजिस्ट्रेशन, इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी, लो बर्थ वेट बेबी, डायबिटीज़ एवं हाइपरटेंशन, टीकाकरण, पोषाहार आदि समेत अन्य विषयों पर जोर देते हुए लो परफॉर्मिंग इंडिकेटर पर फोकस कर कार्य करने का निर्देश दिया गया, जिससे नीति आयोग के डेल्टा रैंकिंग में सुधार किया जा सके। उपायुक्त द्वारा सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया कि वह नियमित रूप से अपने स्तर से इन सूचकांकों की पूर्णता हेतु मॉनिटरिंग का कार्य करेंगे, जिससे गढ़वा जिला इस क्षेत्र में पीछे नहीं रह सके एवं ससमय कार्यों को पूर्ण किया जा सके। उपायुक्त द्वारा एएनसी की रजिस्ट्रेशन के लिए सेविका सहायिका को पूरक पोषाहार गर्भवती महिलाओं को देने एवं इसके उपयोगिता और लाभ के बारे में व्यापक जनजागरूकता फैलाते हुए बताने का कार्य करने हेतु निदेशित किया गया। कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी को सॉयल हेल्थ कार्ड वितरण, माइक्रो इरिगेशन, डीप इरीगेशन, फसल बीमा समेत अन्य क्षेत्रों में विशेष ध्यान देते हुए कार्य करने का निर्देश दिया गया। गढ़वा जिले में पानी की समस्या (अपेक्षाकृत कमी) को देखते हुए दलहन की फसलों के उत्पादन में बढ़ावा देने हेतु निर्देशित किया गया। कृषि के क्षेत्र में विशेष कार्य करने को लेकर बिंदुवार समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने उक्त क्षेत्र में विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। स्वयं सहायता समूह को रिवाल्विंग फंड्स मुहैय्या कराने के क्षेत्र में आवश्यक कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया।
उपरोक्त सूचकांकों में बेहतर कार्य करने एवं अच्छे डेल्टा रैंकिंग हेतु सभी इंस्पिरेशनल फेलो को समन्वय बनाकर कार्य करने की बात कही गई।
उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, सिविल सर्जन डॉक्टर जॉन एफ कनेडी, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा, प्रखंड विकास पदाधिकारी मंझिआंव, कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग, नीति आयोग एवं पीरामल फाउंडेशन के पदाधिकारीगण आदि समेत अन्य लोग उपस्थित थें।

