चुनाव आते ही जगदीशपुर को पर्यटक स्थल का दर्जा, राजनीतिक मुद्दा।
जगदीशपुर /भोजपुर (अख्तर अंसारी नासीर)11 सितंबर।चुनाव के समय राजनीतिक दल अक्सर वीर कुंवर सिंह के नाम का उपयोग करके क्षेत्र में विकास का ढिंढोरा पीटते हैं. नेता अपने वोट बैंक को साधने के लिए उनके नाम और विरासत का इस्तेमाल कर विकास के झूठे वादे की जाती है. मगर चुनाव से पहले तारणहार बनने का सपना दिखाने वाले जनप्रतिनिधि बनने के बाद यहां की बदहाली को दूर करने की कोशिश तक नहीं करते.
लेकिन यह वादे कभी धरातल पर नहीं कर पाए. हर 5 साल पर वीर कुंवर सिंह के विकास के नाम पर केवल बातें की जाती है.
सच है कि आजादी के बाद जगदीशपुर को उपेक्षित रखा गया.
और वीर कुंवर सिंह के नाम का उपयोग करने के बावजूद वास्तविक विकास नहीं हुआ. वीर कुंवर सिंह का किला उपेक्षा का शिकार है जहां आज भी सरकारी उदासीनता के कारण उनकी वीरता की विरासत धूमिल होती जा रही है. केंद्र और बिहार सरकार दोनों ही वीर कुंवर सिंह की विरासत के प्रति गंभीर नहीं है जिससे उनके किले की सुरक्षा और विकास नहीं हो पा रहा है. उपेक्षा के कारण वीर कुंवर सिंह का कीला और संग्रहालय जर्जर हो रहे हैं उनके ऐतिहासिक धरोहर लुप्त होने के कगार पर है.

कभी इसी तालाब में वीर कुंवर सिंह करते थे स्नान
किले के समीप जिस तालाब में बाबू वीर कुंवर सिंह स्नान कर पूजा करते थे आज अपनी उपेक्षा और बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर है. तालाब के चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा है इतना ही नहीं व्यवस्था का आलम यह है कि वीर कुंवर सिंह के इस ऐतिहासिक तालाब का प्रयोग लोग शौच करने और मूत्र उत्सर्जित करने के लिए प्रयोग कर रहे हैं. साथ हीं पोखरे के किनारे अतिक्रमण पर बने अवैध दुकान से निकलने वाले कचरे भी यही फेक जाते हैं. लेकिन स्थानीय प्रशासन सारी कुव्यवस्थाओं को नजर अंदाज कर रही है।

विकास के झूठे वादे
चुनाव के समय कुंवर सिंह के नाम पर रैलियां और सभाएं आयोजित की जाती है. यहीं से देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से चुनावी सभा के दौरान विकास की गंगा बहाने की बातें कही गई थी. जो लालू यादव की घोषणा हवा हवाई साबित हो गई.
वीर कुंवर सिंह को याद करने के बहाने वोट बैंक पर नेताओं की नजर रहती है. चुनाव का समय नजदीक आते ही मीडिया में बने रहने के लिए जगदीशपुर को पर्यटक स्थल घोषित करने की मांग उठाई जा रही है. जाति विशेष के वोट बैंक साधने की परंपरा चल पड़ी है.

2022 में भोजपुर पहुंचे थे गृह मंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह केंद्र सरकार के आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत वीर कुंवर सिंह नगरी जगदीशपुर में पहुंचे थे. जहाँ 77 हजार से ज्यादा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर एक तरफ का रिकॉर्ड बनाया गया था. जगदीशपुर में अमित शाह ने ऐलान किया था कि भारत सरकार उनके नाम का स्मारक बनवाएगी. अमित शाह की घोषणाएं आज तक धरातल पर नहीं उतर पाई.


