कड़ी मेहनत और और सीखने की लालसा हो, तो कामयाबी कदमों में होगी।
RKTV NEWS/कोईलवर (भोजपुर) 08 सितंबर।कोईलवर प्रखंड के कायम नगर निवासी रंजन कुमार के पुत्र 17 वर्षीय अनुपम कुमार आर्या और पुत्री 24 वर्षीय अर्चना कुमारी आर्या ने राष्ट्रीय कॉम्बैट कुश्ती चैंपियनशिप गोरखपुर में गोल्ड मेडल जीतकर जिले सहित पूरे बिहार का नाम रोशन किया है। आश्चर्य की बात यह है कि 31 अगस्त एवं 1 सितंबर को हुई अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रति स्पर्धा में 2024 में दोनों अलग-अलग भार वर्ग में रजत पदक जीत लाए थे। इस दौरान नेपाल जाने को पैसे नहीं थे तो पिता ने मां के गाने गिरवी रख रुपए दिए थे। नेपाल में अर्चना ने 57 किलोग्राम भार वर्ग तो भाई अनुपम ने 86 किलोग्राम वर्ग में पदक जीता था। कहां गया है की कड़ी मेहनत और सीखने की लालसा हो तो कामयाबी कदम चूमती है। पिता रंजन कुमार ने बताया ग्रामीण क्षेत्रों में जहां लड़कियों के घर से बाहर जाने पर भी रोक है। उन्होंने पुत्र और पुत्री को समान नजरों से देखा, गांव समाज की परवाह किए बिना दोनों भाई बहनों को कुश्ती का प्रशिक्षण दिलाया। आज दोनों भाई बहनों ने गोल्ड मेडल जीतकर उत्तर प्रदेश में परचम लहराया है। रविवार को दोनों भाई-बहन गोल्ड मेडल जीत कर लौटे तो अपनी दिन हीन स्थिति का अहसास जाता रहा पूरे परिवार एवं अगल-बगल के लोगों ने दोनों का जमकर स्वागत किया। अपनी जीत की कहानी बताते दोनों भाई बहनों की बातों को सुन माता-पिता तथा पड़ोसियों की आंखें कामयाबी की मिसाल को देख खुशी से झलक पड़े। कहां गया है कि कोई सुनना चाह तो खामोशी भी बोलती है चेहरे का भाव साफ शब्दों में बयां कर रहा था की गरीबों की कब्र पर पनपि हुई कामयाबी मिसाल बनकर गांव प्रखंड जिले तथा राज्य ही नहीं बलीक अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर भी अस्थाई दिखती है। पूर्व उप प्रमुख शशिकांत त्रिपाठी ने बताया दोनों भाई बहनों ने जिले सहित राज्य का नाम रोशन किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती दिल में जज्बा हो तो किसी सफल मुकाम पर पहुंचने से कोई रोक नहीं सकता। रवि कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष रजत पदक और एक साल के अंदर स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया है कि मन में कामयाबी की लालसा और जज्बा हो तो परस्थिति आडे नहीं आ सकती हैl

