
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)06 सितंबर।धमार स्थित आनंद इंटरनेशनल स्कूल में 5 सितंबर को शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें बतौर मुख्य अतिथि अजय सिंह समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधि थें। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के निदेशक मनोज कुमार और मुख्य अतिथि ने डॉ एस. राधाकृष्णन के चित्र पर फूल और माला चढ़ाकर किया।अजय सिंह ने डॉ एस. राधाकृष्णन के व्यक्तित्व से जुड़ी बातें बताई। उन्होंने गुरू और शिष्य के बीच संबंधों और गुरू की महता पर विशेष प्रकाश डाला। विद्यालय निदेशक ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन को सफ़ल बनाने में एक गुरू का बहुत बड़ा योगदान होता है। इस अवसर पर समाजसेवी विवेकानंद सिंह ने बताया कि शिक्षक एक दीए की तरह होते हैं जो बच्चों के जीवन को प्रकाश से भर देते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत उभरती गायिका सीमा भारती के स्वागत गीत से हुआ। तत्पश्चात सीनियर वर्ग की छात्राओं ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अजय सिंह ने निदेशक म की माताजी निशा प्रसाद को अंगवस्त्र और सनातनी डायरी देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले अन्य लोगों में, वरिष्ठ विद्यालय सदस्य दीपक सिंह, विवेकानंद सिंह,स्व-व्यवसाई मनोरंजन सिंह उनकी धर्मपत्नी रिंकू सिंह, अभिभावक ज्योति सिंह, मेनका सिंह, मंजीत सिंह, राजनाथ सिंह, गायिका सीमा भारती एवं संजीव कुमार, युवा व्यवसाई बलिराम सिंह इत्यादि शामिल थें। सीमा भारती ने भजन एवं कई पारंपरिक गीत गाकर सबका दिल जीत लिया। अजय सिंह ने विद्यालय के सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं के साथ केक काट सबको शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। तत्पश्चात उन्होंने विद्यालय के निदेशक मनोज कुमार को अपने तरफ़ से लाए हुए अंगवस्त्र और सनातनी डायरी देकर सम्मानित किया। उन्होंने विद्यालय के कार्य और उपलब्धता की प्रशंसा की और निदेशक को गांव में ऐसी शिक्षण व्यवस्था देने के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को चॉकलेट भी बांटा। कार्यक्रम समाप्ति से पूर्व उन्होंने विद्यालय के सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं को मोमेंटो और सनातनी डायरी देकर सम्मानित किया। मंच संचालन मिस सलोनी ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों ने अपने-अपने वर्गकमरे को खूबसूरत तरीके से सजाया था। सभी बच्चों ने अपने- अपने वर्ग शिक्षकों के साथ केक काटकर उन्हें सम्मानित किया। इस कार्यक्रम को सफ़ल बनाने में प्राचार्य अरशद खुर्शीद मिस सलोनी, सुधा, रूबी, निक्की, राजकुमार सर, पलक,साक्षी, पूजा, सपना और अनामिका का विशेष योगदान रहा। धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य अरशद खुर्शीद ने किया।
