जिलाधिकारी ने बालिकाओं को पढ़ाया संवैधानिक कर्तव्यों का पाठ, मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक हुई बालिकाए।

विशेष टीकाकरण कैंप का हुआ आयोजन, बेजुबान पशुओं को संरक्षित कर रहे युवाओं को किया प्रोत्साहित।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)30 अगस्त। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशन में शुक्रवार को छपरौली स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति जन-जागरूकता हेतु एक विशेष कैंप आयोजित किया गया। इस अवसर पर छात्राओं को करुणा, मानवीय संवेदना और नागरिक कर्तव्यों का पाठ पढ़ाया गया।
जिलाधिकारी ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51(ए)(जी) का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक का यह मौलिक कर्तव्य है कि वह वनों, नदियों, झीलों और वन्य जीवन सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा एवं सुधार करे और सभी जीवित प्राणियों के प्रति दया भाव रखे। उन्होंने कहा कि यह कर्तव्य हमारे जीवन और समाज को संतुलित एवं टिकाऊ बनाने का आधार है इसलिए एंटी रेबीज टीकाकरण कराते हुए इस नागरिक कर्तव्य को दोहराए एवं जिम्मेदार नागरिकता का परिचय दे।
जिलाधिकारी ने श्वान शावक (कुत्ते के बच्चे) को गोद में लेकर बालिकाओं को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51(ए)(जी), करुणा और संवेदनशीलता का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि बेजुबान पशु भी हमारी ही तरह संवेदनशील प्राणी हैं और उनकी आवश्यकताओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
रेबीज मनुष्य और पशु दोनों के लिए समान रूप से खतरनाक है, इसलिए नागरिकों को चाहिए कि वे अपने आसपास के बेजुबान पशुओं को निकटतम पशु चिकित्सालय लेकर जाएं। इसके लिए जनपद के सभी 33 पशु चिकित्सालयों पर प्रतिदिन विशेष टीकाकरण शिविर लगाए जा रहे है जिसमें बेजुबान पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण हो रहा है।
साथ ही अपने आसपास किसी भी बेजुबान पशु को तकलीफ में देखे तो स्वयंसेवक के रूप में मदद अवश्य करे एवं सहअस्तित्व का भाव सुदृढ़ करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में पशुपालन विभाग की चिकित्सक टीम ने मौके पर ही आसपास के पशुओं को एंटी रेबीज टीकाकरण कर जागरूकता का संदेश दिया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि विभाग की टीम को वहां भी टीकाकरण के लिए भेजा जाए जहां बड़ी संख्या में बेजुबान पशु है एवं नागरिक उनके टीकाकरण में सहयोग के लिए तैयार है। इसके लिए नागरिक पशुपालन विभाग में संपर्क कर टीम भेजने के लिए अनुरोध कर सकते है।
जिलाधिकारी ने इस दौरान स्थानीय युवाओं द्वारा बेजुबान पशुओं के संरक्षण और देखभाल की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक कर्तव्यों का पालन ही एक जिम्मेदार और संवेदनशील समाज की पहचान है।
मौके पर बड़ौत उप जिलाधिकारी भावना सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अरविंद त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

