धरती आबा जन भागीदारी अभियान से जनजातीय समुदाय का किया जा रहा है उन्नयन : उपायुक्त

अभियान के सफल संचालन हेतु प्रखंड स्तरीय समिति की भूमिकाओं से कराया गया अवगत।
RKTV NEWS/गढ़वा (झारखंड)29 अगस्त।”धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” (DA-JGUA) के अन्तर्गत जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा “आदि कर्मयोगी अभियान” के तहत प्रखंड स्तरीय 28 से 30 अगस्त तक चलने वाले मास्टर ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को उपायुक्त दिनेश यादव की अध्यक्षता मे स्थानीय बंधन मैरेज हॉल में शुरुआत की गई। कार्यक्रम का आयोजन विधिवत रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश द्वारा “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने बताया कि जनजातीय बहुल ग्रामों के सर्वांगीण विकास हेतु 5 वर्षों तक चलने वाली 80,000 करोड़ रुपये से पूरे भारतवर्ष के 30 राज्यों के 550 जिले के 3000 प्रखंडों के 1 लाख ग्रामों में 2 अक्टूबर 2024 को भगवान बिरसा के नाम पर प्रारंभ की गई योजना धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत झारखंड के 22 जिले के 224 प्रखंडों के 7100 गांव और गढ़वा जिले के 15 प्रखंड के 58 पंचायत के कुल 113 ग्रामों को प्रथम चरण में चिन्हित किया गया है। संपूर्ण योजना के संवेदनशील क्रियान्वयन तथा सिंगल विंडो ग्रीवेंस रिड्रेसल आदि सेवा केंद्र के संचालन तथा ग्राम विकास विजन के निर्माण के लिए ओरिएण्टेशन के जरिये मिशन आदि कर्मयोगी का राज्य स्तरीय, जिला स्तरीय तथा प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद चयनित सभी 113 ग्रामों में आदि साथियों की मदद से बॉटम अप अप्रोच के साथ सभी मूलभूत आवश्यकता जो व्यक्तिगत अथवा सामुदायिक प्रकृति की होंगी, उसको सुनिश्चित करने का विस्तृत प्लान बनाया जाना है।
कार्यक्रम के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी प्रकाश द्वारा बताया गया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान भारत के जनजाति समुदाय के संपूर्ण उत्थान के लिए एक अति महत्वकांक्षी योजना है। उनके द्वारा बताया गया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान भारत के जनजाति समुदाय के संपूर्ण उत्थान के लिए एक अति महत्वकांक्षी योजना है। इसमें जनजातीय समुदाय से संबंधित व्यक्तियों को लक्षित किया गया है, जिसमें गढ़वा जिले के 15 प्रखंड के 113 गांव के 18,522 अनुसूचित जनजाति समुदाय के परिवारों के कुल 96,724 व्यक्तियों को इस अभियान के अंतर्गत लक्षित किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत वैसे ग्रामों का चयन किया गया है, जिनकी कुल जनसंख्या 500 से अधिक हो और उसमें अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या कुल जनसंख्या का 50 या उससे अधिक हो तथा एस्पिरेशनल ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाले प्रखंड के वैसे ग्राम जहां पर जनजातियों की कुल संख्या 50 से अधिक हो। इस अभियान के अंतर्गत वर्तमान वर्ष को शामिल करते हुए वर्ष 2028-29 तक के कुल 5 वर्षों में 17 मंत्रालयों के 25 से अधिक महत्वपूर्ण हस्तक्षेपों/योजनाओं का क्रियान्वयन सैचुरेशन मोड में किया जाना है, जिसमें अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, विद्युतीकरण, मोबाइल कनेक्टिविटी, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स, आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला योजना अंतर्गत एलपीजी गैस कनेक्शन, आधार कार्ड निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण, समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत छात्रावास तथा क्लासरूम का निर्माण, स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स ट्राइबल मार्केटिंग सेंटर्स का निर्माण वन अधिकार पट्टा से आच्छादित व्यक्तियों को कृषि पशुपालन मत्स्य पालन से जोड़ने सहित 25 से अधिक योजनाओं का सैचुरेशन मोड में विभिन्न विभागों के द्वारा क्रियान्वित किया जाना है।
Dharti Aaba-Janjatiye Gram Ukarsh अभियान (DA-JGUA) एवं Pradhan Mantri Janjati Adivasi Nyaya Maha Abhiyan (PM-Janman) अन्तर्गत योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु उपायुक्त दिनेश यादव द्वारा प्रखंड स्तर के उपस्थित सभी पदाधिकारियों/ब्लॉक लेवल मास्टर ट्रेनर को उक्त योजना के बारे में आवश्यक जानकारी दी गई एवं कार्यान्वयन के निदेश दिए गयें। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत मिलने तीन कैटेगरी में लोगों को विभाजित किया गया है जो धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जनजातीय समुदाय का उत्थान करने का कार्य करेंगे। इसमें जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारी को आदि कर्मयोगी के रूप में चिन्हित किया गया है। टीचर, डॉक्टर एवं लीडर इत्यादि को आदि सहयोगी के रूप में बताया गया है जबकि वॉलिंटियर्स, सोशल वर्कर्स एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आदि साथी के रूप में बताया गया है। कार्यक्रम के दौरान इस अभियान के तहत गठित जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय समिति के कार्यों से भी लोगों को अवगत कराया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारियों को प्रखंड स्तरीय समिति का निर्माण करते हुए संबंधित विभागों के प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को शामिल कर प्रत्येक निर्धारित ग्राम में धरती आबा अभियान के गाईडलाइन के अनुसार ग्राम सभा आयोजित करते हुए एनालिसिस तैयार कर सभी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रखंड स्तरीय सभी संबंधित विभागों का दायित्व होगा कि विभिन्न ग्रामों से प्राप्त विभिन्न योजनाओं का प्रस्ताव अलग-अलग विभाग धरती आबा अभियान अंतर्गत डीपीआर तैयार करते हुए जिला मुख्यालय को क्रियान्वयन हेतु प्रस्ताव भेजना सुनिश्चित करेंगे। उपायुक्त दिनेश यादव द्वारा कहा गया कि प्रखंड स्तर के सभी मास्टर ट्रेनर इस महत्वकांक्षी योजना आदि कर्मयोगी अभियान के सफल संचालन हेतु आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ उठायें एवं पीवीटीजी बहुल चिन्हित ग्रामों में जनजातीय समुदाय को फोकस करते हुए सभी सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं से अच्छादित कर सशक्त बनायें।
उक्त कार्यक्रम में उपरोक्त पदाधिकारियों के अतिरिक्त मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, वन प्रमंडल पदाधिकारी, अंशुमन राजहंस, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, अल्पना, ब्लॉक लेवल मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, टीचर्स, जन सेवक, जूनियर इंजीनियर, बीपीआरओ, जेएसएलपीएस के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर समेत अन्य सम्बंधित पदाधिकारी एवं कर्मचारी आदि उपस्थित थें।

