बचपन से युवावस्था तक, हर पड़ाव पर मिला सहारा – कन्या सुमंगला योजना का बागपत की 18,602 बेटियों ने लिया लाभ।
आर्थिक तंगी नहीं बनेगी बेटियों की पढ़ाई में बाधा, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में ऑनलाइन करे आवेदन।
एक परिवार की दो बेटियाँ पा सकती हैं कन्या सुमंगला योजना का लाभ, सालाना आय हो 3 लाख से कम।
सिर्फ योजना नहीं.. सोच में बदलाव का अभियान है कन्या सुमंगला योजना।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)22 अगस्त।कहते हैं “बेटी है तो कल है” और बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के जरिए जनपद बागपत की 18,602 कन्याओं को जीवन में आगे बढ़ने का संबल मिला।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में बालिकाओं को कुल ₹25,000 की धनराशि छह चरणों में दी जाती है। यह मदद सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है, ताकि परिवार की आर्थिक तंगी बेटियों की पढ़ाई और सपनों में बाधा न बने।
योजना के तहत बेटी को जन्म के समय ₹5,000 मिलते हैं, एक साल का टीकाकरण पूरा होने पर ₹2,000 की सहायता दी जाती है। इसके बाद पहली कक्षा में प्रवेश पर ₹3,000, छठी कक्षा में ₹3,000 और नवीं कक्षा में दाखिला लेने पर ₹5,000 दिए जाते हैं। उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाने पर, यानी 10वीं या 12वीं पास करके स्नातक या दो साल के डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लेने पर, सरकार ₹7,000 की सहायता देती है। इस तरह बेटी के बचपन से लेकर युवावस्था तक कुल मिलाकर 25 हजार रुपये की मदद उसे मिलती है।
इस योजना का लाभ वही परिवार ले सकते है जिनकी सालाना आय ₹3 लाख से कम है। एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को योजना का लाभ मिल सकता है। साथ ही बालिका का जन्म पंजीकरण और आधार कार्ड होना जरूरी है। बच्ची का नियमित रूप से स्कूल में दाखिला होना भी आवश्यक है।
आवेदन की प्रक्रिया भी बेहद आसान है। अभिभावक www.mksy.up.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, परिवार का आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और बैंक खाता संख्या जैसी जानकारी देनी होती है। आवेदन की जांच होने के बाद पैसा सीधे खाते में भेजा जाता है।
बागपत जिले में इस योजना का लाभ हजारों परिवार उठा रहे हैं। अब तक जिले से 26,169 आवेदन आए हैं, जिनमें से 21,621 अग्रसारित हुए और 18,602 बेटियों को सीधा लाभ मिला। जिले में अब तक लगभग 420.99 लाख रुपये इस योजना पर खर्च किए जा चुके हैं
यह योजना सिर्फ पैसों की मदद नहीं है, बल्कि समाज में सोच बदलने का अभियान है। अब जरूरत है कि बागपत का हर परिवार ठान ले कि हर बेटी को कन्या सुमंगला योजना से जोड़ना है। यही नया रिवाज बने कि हर बेटी को यह सहारा मिले और हर बेटी अपने सपनों को उड़ान दे सके।
योजना के संबंध में ऑनलाइन वेबसाइट www.mksy.up.gov.in के माध्यम से अथवा विकास भवन स्थित महिला कल्याण विभाग जिला प्रोवेशन अधिकारी कार्यलय में जानकारी प्राप्त कर सकते है।

