शहर के सभी वार्डों, मोहल्ले, गलियों में आकलन कर अगले छह घंटे में जल निकासी का निर्देश।

तीव्र बारिश के बीच अधिकारियों ने युद्धस्तर पर सुनिश्चित की जलनिकासी, अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम समय में हटाया गया जलजमाव।

रविवार रात से सोमवार सुबह तक लगातार 12 घंटे की मूसलाधार बारिश के बावजूद हुई त्वरित जलनिकासी।

मंत्री ने निचले इलाकों में सक्शन मशीन लगाकर पानी निकालने का दिया निर्देश।

जरूरत पड़ने पर आसपास के नगर निकायों से सक्शन मशीन, पंप आदि मंगाया जाए: जिवेश कुमार
पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा)29 जुलाई।नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने राजधानी पटना में जल निकासी की व्यवस्था को लेकर आज समीक्षा बैठक की। बैठक में पटना क्षेत्र के माननीय विधायक, विधान परिषद के सदस्य और विभाग के बड़े अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री ने रविवार की रात से लेकर सोमवार की दोपहर तक पटना में 12 घंटे की लगातार तेज बारिश से उत्पन्न स्थितियों पर बिंदुवार अधिकारियों के साथ गहन चर्चा की। उन्होंने बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों से उनके इलाकों में जल जमाव की समस्या को भी गौर से सुना।
मंत्री ने नगर विकास विभाग, बुडको और पटना नगर निगम के अधिकारियों की तारीफ की कि बारिश के दौरान अधिकारी फील्ड में रहकर लगातार काम करते रहे, जिस कारण पटना के बड़े हिस्से से पानी को निकाला जा सका। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन इलाकों में अभी पानी जमा है वहां से अगले सात-आठ घंटे में हर हाल में पानी निकाल दिया जाए। माननीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशदिया कि निचले इलाकों में सक्शन मशीन लगाकर पानी निकला जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जरूरत पड़े तो आसपास के नगर निकायों से सक्शन मशीन, पंप आदि मंगवाए जाएं । साथ ही, अन्य विभाग के विशेषज्ञों, इंजीनियर की सेवा ली जाए और आज रात तक हर हाल में राजधानी पटना के सभी इलाकों से पानी निकाल दिया जाए
उन्होंने विभाग के वरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां जल जमाव की समस्या ज्यादा है वहां एक-एक अधिकारी तैनात किए जाएं।
नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने बैठक में बताया कि हेल्पलाइन नंबर 155304 पर कल शाम तक 348 शिकायतें आई थीं जिनमें सभी शिकायतों का समाधान कर दिया गया।
गौरतलब है कि पटना में रविवार रात से सोमवार सुबह 11:00 बजे लगभग 12 घंटे में कुल 175.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि लगभग 90 से 95 प्रतिशत इलाकों में पानी निकाल दिया गया था, लेकिन इसके बाद सोमवार देर रात एवं आज सुबह हुई बारिश से पुनः जल जमाव की स्थिति पैदा हो गई।
मंत्री जिवेश कुमार, बुडको एमडी अनिमेष कुमार पराशर ने सोमवार रात और मंगलवार को गर्दनीबाग़, मीठापुर, न्यू जक्कनपुर समेत पटना के विभिन्न इलाक़ों में जल निकासी की व्यवस्था का निरीक्षण किया।
रविवार रात्रि से लगातार 12 घंटे की तीव्र वर्षा के बीच पटना नगर निगम (पीएमसी) एवं बिहार शहरी अवसंरचना विकास निगम (बुडको) की टीमों ने अलर्ट मोड में कार्य करते हुए शहर के अधिकांश इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था सफलतापूर्वक सुनिश्चित की है। वर्षा के दौरान एवं तुरंत बाद निगम के पदाधिकारियों और क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) द्वारा चौबीसों घंटे निरीक्षण व निगरानी की गई, जिससे जलजमाव की समस्या को त्वरित रूप से नियंत्रित किया जा सका।
गौरतलब है कि ” नगर निगम एवं बुडको की टीमों ने बारिश शुरू होते ही अलर्ट मोड में काम किया।
संप हाउसों की निरंतर मॉनिटरिंग और क्यूआरटी की त्वरित कार्रवाई से अधिकांश क्षेत्रों में जलनिकासी की गई।
नगर आयुक्त सह बुडको एमडी द्वारा खुद भी रात्रि में जहां संप का निरीक्षण कर वस्तु स्थिती की जांच की गई।
सुबह में भी विभिन्न प्रभावित इलाकों में जलनिकासी सुनिश्चितकरवाया। इसके साथ ही कार्यपालक पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता एवं अन्य नगर निगम के कर्मियों के साथ बुडको के कर्मी भी फील्ड में ही है।
तेज प्रतिक्रिया से किया गया त्वरित निष्पादन
विधानसभा, राजेंद्र नगर, मीठापुर, पटना सिटी, सब्जीबाग, बारीपथ, करबिगहिया, द्वारिकापुरी, बाईपास, दीघा, खेतान मार्केट, गाँधी मैदान, एयरपोर्ट और बोर्ड कॉलोनी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में कुछ घंटों के भीतर ही जल निकासी पूरी की गई।
शिकायत प्रबंधन का उपयोगी इस्तेमाल
निगम को पाटलिपुत्र कॉलोनी, पाटलिपुत्र स्टेशन, कंकड़बाग, किदवई पुरी और राजेंद्र नगर सहित विभिन्न इलाकों से टोल-फ्री नंबर पर प्राप्त कल से अब तक 348 शिकायतों का तत्काल निस्तारण* किया गया। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत क्यूआरटी द्वारा पंप लगाकर जलजमाव हटाया गया।
24×7 सक्रिय टीमें
शहरभर में 19 क्यूआरटी टीमें (मुख्यालय एवं अंचलस्तर पर) रात-दिन तैनात रहीं। इनमें पीएमसी व बुडको के अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे, जिन्होंने वॉकी-टॉकी और सीसीटीवी के माध्यम से संप हाउस के वाटर लेवल की रियल-टाइम निगरानी की।
वैकल्पिक व्यवस्थाएँ
सभी अंचलों में अतिरिक्त पंपिंग मशीनें तैनात की गईं। संप हाउसों पर तीनों पालियों में कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई तथा जल निकासी प्रणाली लगातार सक्रिय रखी गई।
पटना नगर निगम की टीम जलनिकासी के लिए लगातार काम कर रही है। जहां भी जल जमाव की समस्या है उसे शीघ्रातिशीघ्र दूर किया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र के निवासियों से अनुरोध है कि अपने इलाके में जल निकासी के लिए हेल्पलाइन नंबर 155304 पर संपर्क करें।
पीएमसी की 24×7 हेल्पलाइन और क्यूआरटी टीमें तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हैं।
मॉनसून के दौरान जलनिकासी में न केवल शहर के 56 स्थायी डीपीएस का इस्तेमाल किया जा रहा, बल्कि अधिक जलजमाव वाले ऐसे स्थलों पर जहां स्थायी डीपीएस नहीं है, वहां 36 अस्थायी डीपीएस भी बनाये गये है।* पटना से दानापुर तक ऐसे अस्थायी डीपीएस है। जहां पंप लगा कर पानी निकालने कीवैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अस्थाई ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों पर ट्राली माउंटेड पंपों का अधिष्ठापन पूर्व में ही किया गया है।
* बड़े एवं संवेदनशील अस्थायी ड्रेनेज पर पंपो की संख्या जो अधिष्ठापित की गई
* खानपुर – 8 ट्रॉली माउंटेड पंप
* बरमुक्ता – – 8 ट्रॉली माउंटेड पंप *
* दीघा नहर – 16 ट्रॉली माउंटेड पंप
* सभी डीपीएस मिला कर शहर की जलनिकासी के लिए 364 पंपों का इस बार इस्तेमाल किया जा रहा है।
* इनमें 265 विद्युत चालित पंप होंगे, जबकि 99 डीजल सेट हैं।
इनमें से 256 पंप स्थायी डीपीएस पर स्थापित हैं।
83 पंप अस्थायी डीपीएस पर लगाये गये हैं।
अंचलवार डीपीएस क्षमता वर्धन
1. अजीमाबाद – 7 डीपीएस, 33 पंप (30 विद्युत, 3 डीजल)
2. कंकड़बाग – 7 डीपीएस, 46 पंप (41 विद्युत, 6 डीजल )
3. बांकीपुर- 7 डीपीएस, 35 पंप (29 विद्युत, 6 डीजल )
4. पाटलिपुत्र – 9 डीपीएस, 36 पंप (29 विद्युत, 7 डीजल )
5. नूतन राजधानी – 26 डीपीएस, 105 पंप (95 विद्युत, 10 डीजल)
बैठक में पटना के विधायकगण, महापौर, विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, नगर आयुक्त सह बुडको एमडी अनिमेष कुमार पराशर, अपर सचिव विजय प्रकाश मीणा, विभिन्न वार्डों के पार्षद मौजूद थे।

