
RKTV NEWS/पटना ( बिहार)26 जुलाई।आज दलित अधिकार समागम का आयोजन पटना के जगजीवन राम संस्थान में आयोजित हुआ।
समागम का उदघाटन तेलांगना से आए लक्ष्मणैया ने किया।तेलंगाना से आए लक्ष्मणैया ने कहा कि बिहार और तेलंगाना दलित वंचितों के साझे संघर्ष का सामान भागीदार रहा।बुद्ध भी इन दोनों राज्यों को जोड़ता है।तेलंगाना का ऐतिहासिक संघर्ष और तेलंगाना विद्रोह की धमक आज भी बिहार में देखने को मिल रहा है।उन्होंने कहा कि बड़ी लड़ाई के बाद सबको बराबर का वोटिंग राइट मिला।बाबा साहेब की इस देन और अधिकार को छीनने की कोशिश जारी है।
उन्होंने SC /ST Sub plan act बनाने को लेकर संघर्षों का जिक्र किया।समागम को संबोधित करते हुए दलित चिंतक अशोक भारती ने कहा कि हमें राज,समाज और देश के संसाधनों में सम्मानजनक हिस्सेदारी चाहिए।भाजपा की सरकार अधिकार की बात नहीं करती है,वह हमें लाभार्थी समझती है।हमें चुनाव में अपने सवालों को मजबूती से उठाना होगा।सम्मेलन से प्रस्ताव पारित करके दलित वंचित विरोधी मतदाता पुनरीक्षण को वापस लेने की मांग की गई। ध्वनिमत से यह मांग की गई कि सरकार SC/ST Act के लिए ऑर्डिनेंस लाए।दलितों की हत्या,हमले और हिंसा के मुकदमे पर स्पीडी ट्रायल हो!समागम से राजनीतिक दलों खासकर महागठबंधन से अपील की गई कि दलित आदिवासियों के मौजूं सवालों को घोषणा पत्र में जगह मिले।समागम में वक्ता के बतौर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी,शकील अहमद खान,महबूब आलम,सत्यदेव राम,शशि यादव,विधायक सूर्यकांत पासवान,मनोज मंजिल आदि ने भाग लिए।अध्यक्षता प्रो एसएन आर्या ने किया और संचालन ओमप्रकाश मांझी–भोला प्रसाद दिवाकर ने संयुक्त रूप से किया।5सूत्री प्रस्ताव को अवकाशप्राप्त मुख्य अभियंता विश्वनाथ चौधरी ने प्रस्तुत किया।
