
RKTV NEWS/आरा(भोजपुर )25 जुलाई।आज लोकसभा के पावसकालीन सत्र में आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने नई शिक्षा नीति 2020 का मुद्दा उठाया। जिसमे उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 ने भारत में सार्वजनिक रूप से वित्तपोषित शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। सरकार द्वारा सार्वजनिक विश्वविद्यालयों और स्कूलों को बंद कर निजी निवेश और कॉर्पोरेट मॉडल पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देने के चलते समाज के हाशिए पर खड़े तबकों को शिक्षा से वंचित कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मोदी शासन में पूरे देश में लगभग 90,000 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। कहीं बच्चों की संख्या कम दिखाकर, कहीं शिक्षकों की कमी बताकर, तो कहीं वित्तीय संसाधनों की कमी का बहाना बनाकर ये स्कूल बंद किए गए।
उन्होंने कहा कि यह कदम साफ़ तौर पर भूमिहीन, गरीब किसानों, रिक्शा, टमटम, ठेला चलाने वालों, फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों और निर्माण मज़दूरों जैसे मेहनतकश तबकों के बच्चों को शिक्षा से दूर करने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। सरकार की मंशा यही लगती है कि इन बच्चों को शिक्षा से वंचित कर धार्मिक गतिविधियों में औजार की तरह इस्तेमाल किया जा सके, जैसे कमरिया नाचने वाले लड़कों की तरह।
एक संगठित तरीके से शिक्षा का ढांचा तोड़कर पूरे देश में अंधश्रद्धा, सांप्रदायिकता और सामाजिक विभाजन का माहौल बनाया जा रहा है। स्कूलों को बंद करना इस योजना का ही हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि हम इसका कड़ा विरोध करते हैं और मांग करते हैं कि बंद किए गए सभी सरकारी स्कूलों को अविलंब पुनः शुरू किया जाए। साथ ही, देशभर में बड़ी संख्या में नए सरकारी स्कूल खोले जाएं ताकि शिक्षा हर वर्ग तक पहुंचे और एक समतामूलक समाज का निर्माण हो सके।
उक्त जानकारी निजी सचिव चन्दन कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी गई।
