रोहतास/बिहार (नसीम अहमद)17 मई।डेहरी की अंचलाधिकारी इन दिनों सामाचार पत्रों की सुर्खियां बनी हुई है एक सप्ताह पहले अपर जिला जज 3 सासाराम धीरेंद्र मिश्र की अदालत ने आदेश की अवमानना मामले में ₹5000 का आर्थिक दंड लगाया था।एक बार फिर अनुमंडल न्यायिक न्यायालय डेहरी में एविडेंस एक्ट 76 के अवहेलना करने पर वरिष्ठ अधिवक्ता निम्मी उपाध्याय ने संविधान की 19 और 21 नागरिकता के अधिकार के अंतर्गत न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में मुकदमा दायर किया है जो धारा 166,167,219,504 & 506 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत है।
अंचलाधिकारी अनामिका कुमारी उनकी कार्यशैली कुछ ऐसी है की आमजन कि कोई औकात ही नहीं की कोई बात कर सके है यहां तक अनुमंडल दंडाधिकारी के न्यायालय के बीपीएल ३ के आदेश तो दूर उच्च न्यायालय के आदेशों का कोई असर नहीं होता है पटना उच्च न्यायालय ने अतिक्रमण संबंधित कई केसों में हटाने का निर्देश किया है जिसका अनुपालन नहीं हो रहा इसी तरह के अधिकारियों के पदस्थापन के कारण उच्च न्यायालय को जिला अधिकारी को शरीर उपस्थित होने का निर्देश करना पड़ता है क्योंकि लापरवाही अथवा अवहेलना के कारण न्यायालय का कीमती समय बर्बाद होता है साथ ही साथ सरकार पर भी आर्थिक बोझ पड़ता है।

