
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)20 जुलाई।भोजपुर के बड़हरा प्रखंड में गंगा नदी का जलस्तर शुक्रवार के दिन अपने खतरे के लाल निशान को पार कर इससे ऊपर बह रही है। जिससे इस प्रखंड में बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है। गंगा नदी का डेंजर लेबल पार करते ही प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांव के बधार में स्थित खेतो में इसका पानी तेजी से फैल रहा है। कई जगहों पर खेतो में लगाई गई सब्जी आदि फसल इसके पानी में डूबने के कारण बर्बाद हो गए है । गंगा के जलस्तर में अबतक की सबसे ज्यादा वृद्धि होने के बाद खवासपुर पंचायत के लगभग सभी गांव पानी के चारो तरफ घिरने के साथ इस जिला मुख्यालय व प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूटता चला जा रहा है। गंगा नदी के रौद्र रुप तथा उफनती धारा को देख इस पंचायत के लोग आने जाने को लेकर डरे व सहमे है । शुक्रवार के दिन गंगा नदी में अप्रत्याशित वृद्धि के बाद इसका पानी बखोरापुर, नेकनाम टोला, लौहर, फरना, पैगा,गुंडी,बभनगावा,शिवपुर,सिन्हा, महुली सिरिसिया,बबुरा आदि दर्जनों से अधिक गांव स्थित बधार में इसका पानी घुस गया है। जिससे किसानों को अब अपनी।फसल नष्ट होने की चिंता सता रही है। गंगा नदी के जलस्तर में विगत तीन दिनों से जारी वृद्धि को देख बाढ़ पीड़ित गांव के ग्रामीणों को बाढ़ आने की डर सताने लगी है। इसके लिए गंगा नदी के तटवर्तीय इलाके के लोगो के साथ आसपास गांव के ग्रामीण जरूरत के समान बाजार से खरीद अपने घरों में रखने लगे है । गंगा नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 27 सेंटीमीटर की वृद्धि होने बाद शुक्रवार की सुबह छह तक इसका जलस्तर 53.05 पर पहुंच गया । उसके बाद इसका जलस्तर में वृद्धि जारी रहने से दोपहर 2 बजे गंगा नदी अपने खतरे के निशान 53.08 मीटर को पार कर 53.09 मीटर पर बह रही थी । शाम चार बजे तक इसका जलस्तर 53.10 मीटर पर पहुंच गया था। ऐसे बाढ़ नियंत्रण विभाग का मानना है की गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर 54.10 मीटर पर पहुंचता है तो तब जाकर बड़हरा प्रखंड में बाढ़ जैसी हालत उत्पन्न होगी । लेकिन गंगा नदी के जलस्तर में जारी वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन व अंचल कार्यालय पूरी तरह से बाढ़ जैसी हालात से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद दिख रही है। वही बाढ़ नियंत्रण विभाग सुरक्षा की दृष्टि से गंगा नदी से सटे तटबंधों पर निगरानी रखने के साथ सभी सुलीस गेट पर अपनी कर्मचारियों को नियुक्त कर इसके लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया है। वही कोइलवर में सोन नदी भी अपनी उफान पर देखी जा रही है। पिछले 24 घंटे में इसके जलस्तर में 23 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी होने के बाद इसका जलस्तर 52.30 मीटर पर पहुंच गया है । गुरुवार के दिन इसका जलस्तर 52.07 मीटर था ।
जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने कहा की गंगा के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर है । बाढ़ से निपटने के लिए राहत बचाव कार्य जैसे अभी प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक मुख्य अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया की भोजपुर के दिनो नदियों के जलस्तर में अभी फिलहाल वृद्धि जारी रहेगी। अभी बाढ़ जैसी हलात उत्पन्न नही हुई है । गंगा नदी से सटे सभी तटबंध सुरक्षित है।
