इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ एवं आईआईआईटी रायपुर के मध्य हुआ एम.ओ.यू.।
विद्यार्थियों को कलाओं के साथ टेक्नोलॉजी की मिलेगी शिक्षा।

टेक्नोलॉजी के समन्वय से कलाओं को विश्व स्तर पर ले जाने का मिलेगा सुनहरा अवसर।
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 17 जुलाई। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ एवं डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) रायपुर के मध्य समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) संपन्न हुआ। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा और डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के कुलपति एवं डायरेक्टर प्रो. ओमप्रकाश व्यास ने उक्त समझौता ज्ञापन में हस्ताक्षर किए। कला के साथ टेक्नोलॉजी के इस संगम से विद्यार्थियों में शिक्षा का स्तर बढ़ेगा, जिससे उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां मिलेंगी। इसके साथ ही टेक्नोलॉजी के समन्वय से कलाओं को विश्व स्तर पर ले जाने का भी सुनहरा अवसर मिलेगा।
इस एम.ओ.यू. से इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शिक्षा अर्जित करने का अवसर मिलेगा, वहीं आईआईआईटी के विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति के साथ ही विभिन्न कलाओं तथा नृत्य–संगीत को जानने व समझने का भी मौका मिलेगा। वर्तमान में पूरे विश्व में टेक्नोलॉजी का स्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कला का टेक्नोलॉजी के साथ समझौता दोनों ही संस्थानों के विद्यार्थियों में नई शिक्षा की शुरुआत होगी, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल एवं सुनहरा होगा।
इस समझौते का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधानात्मक सहयोग को बढ़ावा देना है। इस समझौते के बाद दोनों संस्थान संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं पर काम कर पाएंगे। विद्यार्थियों के लिए विनिमय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दोनों संस्थान संयुक्त रूप से कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित कर पाएंगे, जिससे सूचना प्रौद्योगिकी और कला के क्षेत्र में सहयोगी परियोजनाएं शुरू की जा सकेंगी।

