
RKTV NEWS/चतरा(झारखंड)13 जुलाई।चतरा जिला में लंबे समय से व्याप्त विद्युत संकट को दूर करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्त्वपूर्ण एवं दूरगामी पहल की जा रही है। 132/33 केवी ग्रिड सब स्टेशन, हंटरगंज की स्थापना इस दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसके पूर्ण होने से हजारों परिवारों को स्थायी एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
वर्तमान में चतरा शहरी क्षेत्र एवं आसपास के ग्रामीण इलाके 220/132/33 केवी इटखोरी ग्रिड सब स्टेशन पर आश्रित हैं, जो 55 किलोमीटर से भी अधिक दूरी पर स्थित है। इतनी लंबी दूरी से विद्युत आपूर्ति के कारण तकनीकी हानियों के साथ-साथ, बार-बार फॉल्ट, वोल्टेज की समस्या और ट्रिपिंग की घटनाएं आम हो गई हैं। इसके कारण आम नागरिक, किसान, छात्र, छोटे व्यवसायी एवं स्वास्थ्य सेवाएं सभी प्रभावित हो रही हैं।
क्या है वर्तमान प्रगति?
हंटरगंज ग्रिड सब स्टेशन के लिए प्रस्तावित भूमि वन क्षेत्र में आती है। ऐसे में वन विभाग की शर्तों के अनुरूप प्रतिपूरक वनीकरण हेतु 20 एकड़ गैर वन भूमि (CA Land) की आवश्यकता थी। इस प्रक्रिया में जिला प्रशासन, चतरा ने तत्परता दिखाते हुए सीकरी (सिमरिया), बढ़हीबीघा (हंटरगंज) एवं टूनगुन (लावालौंग) मौजों में कुल 20 एकड़ भूमि का चिन्हांकन कर वन विभाग को समर्पित कर दिया है।
चतरा के लोगों को क्या होगा लाभ?
बिजली की आपूर्ति में स्थायित्व आएगा। बार-बार बिजली कटौती की समस्या में कमी आएगी। व्यवसाय, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि कार्यों में सुधार होगा। नई औद्योगिक एवं व्यावसायिक संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
जिला प्रशासन चतरा आमजनों को आश्वस्त करता है कि हंटरगंज ग्रिड सब स्टेशन की स्थापना कार्यों में तीव्रता लाकर जल्द से जल्द बिजली संकट से निजात दिलाई जाएगी।
