लोक कलाकार की पुण्यतिथि पर परिचर्चा का आयोजन।

भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान के तत्वाधान में आयोजित हुई परिचर्चा।

भोजपुरी की लड़ाई में भोजपुरिया समाज के पृथक होने पर हुआ मंथन।
RKTV NEWS/आरा( भोजपुर) 10 जुलाई। स्थानीय पटेल बस पड़ाव परिसर स्थित भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच पर आज भिखारी ठाकुर की पुण्यतिथि एक परिचर्चा के रूप में मनाई गई।विषय था “वर्तमान में भोजपुरी आऊर भिखारी ठाकर” ।कार्यक्रम की अध्यक्षता जे पी सेनानी डॉ जया जैन,संचालन पत्रकार नरेंद्र सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन आनंद मोहन जी ने किया।
सर्वप्रथम भिखारी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के पश्चात बाबू ललन जी और उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया।
भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान के द्वारा आयोजित परिचर्चा में बोलते हुए जे पी सेनानी सुशील तिवारी,लोक गायिका प्रियंका राय ,भोजपुरिया जन मोर्चा के बिनोद सिंह,वरिष्ठ रंगकर्मी कृष्णा यादव”कृष्णेंदु” साहित्यकार डॉ किरण कुमारी, डॉ वीरेंद्र कुमार शर्मा,अधिवक्ता देवी दयाल राम, डॉ कुमार शीलभद्र,गायक धनी पांडे,योग गुरु स्वामी विक्रमादित्य,ग्रामीण चिकित्सा सेवा समन्वय समिति के डॉ उमेश सिंह,वरिष्ठ साहित्यकार जनार्दन मिश्रा,पत्रकार विजय कुमार सिंह,कमलेश पांडे ,माले के जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम आदि ने भिखारी ठाकुर को भारत रत्न देने तथा पटना स्थित भोजपुरिया एकेडमी को पुनर्जीवित करने की मांग करते हुए कहा की भोजपुरिया समाज को विभिन्न राजनीतिक दल सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं और समाज उनके छलावे में उलझाता रहता है।
सवर्ण क्रांति सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम सिंह,डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा,विजय बहादुर सिंह,पप्पू सिंह (पियनिया),जितेंद्र कुमार सिंह,अमरदीप कुमार जय,रणधीर कुमार राणा,व्यास कमलेश पासवान आदि ने स्पष्ट कहा कि समाज संगठित नहीं है जिसके कारण राजनीतिक दल हमें अपना अपना वोट बैंक समझता है।भोजपुरिया समाज में क्या क्या कमियां है इस पर भी समाज को विश्लेषण करना चाहिए।भिखारी ठाकुर ने भोजपुरी को जन जन तक पहुंचाया ।आठवीं अनुसूची में शामिल अन्य भाषा के नेताओं और भाषा भाषी लोगों से हमें सिख लेनी चाहिए।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ जया जैन ने स्पष्ट कहा की अश्लील गायिकी और अब तक भोजपुरी आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं हो सका के जिम्मेवार राजनेताओं से ज्यादा भोजपुरिया समाज है क्योंकि भोजपुरिया समाज सशक्त लड़ाई नहीं लड़ पा रहा है।इसकी भी समीक्षा की जानी चाहिए।

