RK TV News
खबरें
Breaking Newsसाहित्य

भोजपुर:जसम का राष्ट्रीय सम्मेलन, 12-13 जुलाई को राँची में।

समकालीन जनमत के आलेख ‘चार दिन की जंग’ का गोष्ठी में पाठ।

RKTV NEWS/आरा (भोजपुर) 07 जुलाई। स्थानीय नवादा स्थित जेपी उत्सव भवन में जन संस्कृति मंच, आरा-भोजपुर द्वारा एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस रविवारीय गोष्ठी में उपस्थित लोगों के बीच समकालीन जनमत पत्रिका में प्रकाशित सत्यप्रकाश द्वारा लिखित आलेख ‘चार दिन की जंग : इधर के भी सत्ताधारी खुश और उधर के भी’ का पाठ किया गया। मौजू आलेख का पाठ सुमन कुमार सिंह ने किया। तत्पश्चात गोष्ठी में उपस्थित लोगों ने अपनी-अपनी राय रखी।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए कवि-आलोचक जितेंद्र कुमार ने आलेख के विविध आयामों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि मोदी सरकार द्वारा बार-बार युद्ध की स्थिति पैदा की जा रही है। भारतीय मीडिया सरकार द्वारा हुई सुरक्षा चूक पर बोलने से परहेज कर रही है। उल्टे जो सवाल करनेवाले हैं उन्हें जेल और मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है। यह आलेख ऐसे अनेक सवालों पर विचार करने को प्रेरित करता है। कनवि-राजनीति कर्मी सुनील चौधरी ने कहा कि आज जीवन के जरूरी सवालों से ध्यान भटकाने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों के पास एक जैसे एजेंडे हैं। कोई धर्म-सम्प्रदाय व युद्धोन्माद के सहारे तो कोई जाति-पाति के सहारे लोगों को गुमराह कर रहा है। जनता को अपने सवालों के साथ इनसे टकराना ही होगा। समीक्षक सुनील श्रीवास्तव ने कहा कि यह आलेख मजबूती के साथ भारत सरकार द्वारा फैलाये जा रहे युद्धोन्माद की कलई खोलता है। यह सरकार अपनी कमियों को छुपाने के लिए जनता को अंधराष्ट्रवाद के चंगुल में फांस रही है। दस्तक पत्रिका के संपादक व गजलकार रामयश अविकल ने कहा कि पठित आलेख में चार दिनों के युद्ध के कुचक्र का पर्दाफास किया गया है । सरकार भारत-पाक युद्ध के मुद्दे पर दुनिया के देशों से समर्थन प्राप्त करने में विफल हो चुकी है। रंगकर्मी धनंजय ने कहा कि आलेख के कई ऐसे विंदु हैं जिसे नाटक का हिस्सा बनाया जा सकता है।सरकार द्वारा लगातार फैलाये जा रहे भ्रम को जनता तक पहुँचाने के लिए इसे नाटक के रूप में ढा़ला जा सकता है। गोष्ठी में उपस्थित वृजभूषण प्रसाद ने कहा कि आलेख मौजू है। इस सरकार ने काश्मीर में घटी आतंकी घटना के बहाने युद्ध थोपने की कोशिश की, लेकिन नाकाम हो गई। अंतराष्ट्रीय स्तर पर इस संबंध में मिली विफलता से भारत सरकार तिलमिलाई हुई है।
गोष्ठी के संचालक सुमन कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र की वर्तमान सरकार लगातार जनता को गुमराह कर रही है। उसने एक तरह से भारतीय मध्यवर्ग के दिमाग पर कब्जा जमा लिया है। हमें ऐसे सम्मोहन से निकलने में लोगों की मदद करनी होगी। पठित आलेख ऐसा ही एक प्रयास है। उन्होंने 12-13 जुलाई को राँची में होने जा रहे जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी से उपस्थित लोगों को अवगत कराया। बताया कि इसबार सम्मेलन के बहस का मुख्य विषय है ‘फासीवाद की विनाशकारी संस्कृति के खिलाफ जनता की एकता के लिए।’ सम्मेलन में देशभर के लगभग 500 के करीब लेखक, पत्रकार, कलाकार तथा रंगकर्मियों के शामिल होने की उम्मीद है।
गोष्ठी में 31 जुलाई को प्रेमचंद जयंती को विशेष आयोजन के रूप में मनाने की योजना भी बनी।
गोष्ठी में वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल वर्मा, डॉ किशोर कुमार, अमित मेहता आदि ने भी अपने विचार रखे।

Related posts

मणिपुर में नफरती भीड़ द्वारा कुकी महिलाओं पर यौन हमले की भयावह घटना से देश शर्मसार! घटना के जिम्मेवार वीरेंद्र सिंह एवं गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफा दे: माले

rktvnews

भ्रमित है उपेंद्र कुशवाहा -जीतन राम मांझी

rktvnews

अधूरा न्याय : जल रही है संघर्ष की मशाल!

rktvnews

गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में आधुनिक पीढ़ी के पहले समुद्रगामी गश्ती जहाज (एक्स-जीएसएल) के निर्माण कार्य का 03 मई, 2024 को औपचारिक शुभारंभ।

rktvnews

वैशाली:फाइलेरिया मुक्त वैशाली की ओर निर्णायक कदम: जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने एमडीए अभियान का किया शुभारंभ।

rktvnews

उपराष्ट्रपति ने रामनवमी की पूर्व संध्या पर देशवासियों को बधाई दी।

rktvnews

Leave a Comment