
RKTV NEWS/अनिल सिंह,11 मई।शिवादी क्लासिक सेंटर ऑफ आर्ट एंड म्यूजिक के बैनर तले सांस्कृतिक संस्था बिरजू महाराज कला आश्रम के संस्थापक स्व. बक्शी अवधेश कुमार श्रीवास्तव जी की तेरहवीं पुण्यतिथि के अवसर पर खुला चौपाल कार्यक्रम आयोजित हुआ।
सर्वप्रथम वरिष्ठ तबला वादक श्री राणा प्रताप सिन्हा व महंत छठू लाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया। बक्शी जी के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुये श्री शंभू शरण ओझा ने कहा कि बक्शी जी को उच्च शिक्षा जगत में उनके कार्यों के बदौलत आज भी याद किया जाता है।
बक्शी जी एक कुशल तबला वादक होने के साथ साथ संगीत के आजीवन प्रचारक रहें। आरा के आखिल भारती संगीत सम्मेलन को पुनः शुरू करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कार्यक्रम में सर्व प्रथम कथक नृत्यांगना मीनाक्षी पाण्डेय व संजना कुमारी ने युगल कथक नृत्य की शुरुआत गणेश वंदना से करते हुये तीनताल में उपज, ठाट, आमद व परन् प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। वहीं बाल कलाकार आयुष पाण्डेय ने स्वतंत्र तबला वादन प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी।
श्रेया पाण्डेय ने राग विहाग में एकताल की बंदिश ”बाहिया धरी चूड़ियां फोड़ी गगरी गिरायी” व नीतीश पाण्डेय ने दादरा “सांवरिया को कोई बुला दें मोरा जिया लागे ना” की प्रस्तुति से समां बांधा। वहीं शास्त्रीय गायक महेश यादव ने राग भीमप्लासी में बड़ा ख्याल व छोटा ख्याल “जा जा रे अपने मन्दिरवा जा” व श्री जय किशोर सिंह ने राग शोभावरी में झपताल की बंदिश “महिमा गुरु की री” प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्री चंद्रमोहन ओझा ने खमाज की ठुमरी रसिया मोहे बुलावे व ग़ज़ल की सुरीली प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। वहीं श्री शिवनंदन प्रसाद श्रीवास्तव व श्री राणा प्रताप सिन्हा ने तबला वादन प्रस्तुत करते हुये बनरास घराने की कई क्लिष्ट बंदिशों को सुनाकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। हारमोनियम पर उस्ताद कलामुद्दीन व तबले पर शेखर कुमार ने संगत से रंग भरा। इस अवसर पर तबला वादक बिंदा यादव व प्रोफेसर विश्वनाथ राय समेत कई कलाकारों को शास्त्रीय गायिका डॉ. जैन व विदुषी बिमला देवी ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मंच संचालन श्री अमित कुमार व धन्यवाद ज्ञापन श्री शंभू शरण ओझा ने किया।

