
RKTV NEWS/पटना(बिहार)12 जून। बुधवार को मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (राजभाषा) के तत्त्वावधान में आभासी मंच से ‘कलक्टर सिंह केसरी, नागार्जुन तथा कबीर जयंती समारोह’ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम को प्रारंभ करते हुए विभाग के निदेशक सुमन कुमार ने स्वागत भाषण में कबीर को एक महान संत कवि बताते हुए कहा कि उन्हें सत्य के अलावा किसी से कोई मतलब नहीं था। उनके लिए साधन महत्त्वपूर्ण नहीं था। उनकी वाणी आज भी हमारा मार्गदर्शन करती है।
आमंत्रित विद्वान वक्ता पटना के वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार कमला प्रसाद ने कलक्टर सिंह ‘केसरी’ को राष्ट्रवादी विचारधारा का कवि बताया। उनके अनुसार केसरी जी बुद्धिवादी नहीं अपितु हृदय के कवि, व्यक्तित्व के धनी, सिद्धांत के प्रति समर्पित तथा निष्कलुष पुरूष थे। दूसरे विद्वान वक्ता मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ० परम प्रकाश राय ने अपने वक्तव्य में नागार्जुन की कविता की विशिष्टता को रेखांकित करते हुए उनके भाषा फलक तथा रचना फलक के विस्तार की चर्चा की। उन्होंने बताया की उनकी कविताओं में विविधता थी। उनकी कविताएँ जनता को सीधे संबोधित थी जिनमें अखबारीपन बिल्कुल नहीं था। तीसरे विद्वान वक्ता के रूप में स्वामी धरनीधर कॉलेज, परैया, गयाजी के से०नि० प्राध्यापक डॉ० कृष्ण देव मिश्र ने कबीर के बारे में अपने विचार रखते हुए कहा कि वे देश काल की सीमाओं में बंधनेवाले कवि नहीं थे। उनकी वाणी प्राणी मात्र के लिए हैं किसी देश, जाति के लिए नहीं। कार्यक्रम के अंत में विदुषी साहित्यकार एवं लोक गायिका श्यामा झा ने कबीर के दोहों की संगीतमय प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंच संचालन उप निदेशक डॉ० प्रमोद कुँवर और धन्यवाद ज्ञापन उप निदेशक अनिल कुमार लाल ने किया।
