
RKTV NEWS/लखीसराय (बिहार)30 मई।ग्रामीण भारत के नवनिर्माण के लिए नई योजनाएं एवं नई नीतियां बिहार के गांवो के चौपालों पर अंकुरित हो रही हैं। दरअसल गाँव की महिलाओं को महिला संवाद कार्यक्रम के माध्यम से गांवो के विकास हेतु मांग ,इच्छाएं , आकांक्षाएं एवं संवेदनाओ को अभिव्यक्त करने का एक बेहतर अवसर और मंच बिहार सरकार ने दिया है। इस अवसर के अंतर्गत महिलाएं बिहार सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण हेतु चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से मिले लाभ को अपनी भावनाओं एवं शब्दों में बयां कर रही हैं साथ ही उपस्थित अन्य महिलाओं को भी योजनाओं से लाभ लेने हेतु प्रेरित कर रही हैं l ग्रामीण विकास विभाग, बिहार के तत्वाधान में जीविका द्वारा आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम के माध्यम से गाँव के विकास के लिए अछूते रह गए योजनओ एवं नीतियों की आधारशीला तैयार की जा रही है l जीविका के माध्यम से महिलाओं द्वारा उठाई गई योजनाओं एवं नीतियों की सूचि तैयार करके प्रशासन को उपलब्ध कराया जा रहा है l लिहाजा इस अवसर का फ़ायदा उठाते हुए ग्रामीण महिलाएं अपनी और समुदाय आधारित समस्याओं के समाधान हेतु संवाद स्थापित कर रही हैं l
लखीसराय जिला में अब तक कुल 437 महिला संवाद कार्यक्रम आयोजित किये जा चुके हैं l इस कार्यक्रम के माध्यम से बारह हजार से अधिक मांग , इच्छाएं एवं आकांक्षाएं महिलाओं के द्वारा सुचिवद्ध कराई गई है, जिसके क्रियान्वयन हेतु प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है l 18 अप्रैल से जारी महिला संवाद कार्यक्रम में लगभग 78 हजार जीविका दीदियाँ एवं 16 हजार अन्य महिलाओं की उपस्थिति रही है l
शुक्रवार को बड़हिया के टाल क्षेत्र रेपुरा में पंचवटी जीविका महिला ग्राम संगठन द्वारा आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में सुनीता देवी ने मोहम्मदपुर और रेपुरा के बीच हरोहर नदी पर पुल और नाव परिचालन की मांग उठाई हैं l वहीँ छात्र रेखा कुमारी ने गाँव से बिरुपुर तक सरकारी बस चलने की मांग की है ताकि छात्र-छात्राओं को स्कूल –कॉलेज जाने में हो रही परेशानी से मुक्ति मिले l रेखा ने स्कुल- कॉलेज के रस्ते में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाने की मांग की है ताकि असामाजिक तत्वों से छात्राओं का बचाव हो l इसी तरह सूर्यगढ़ा और पिपरिया में भी आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं ने अपनी- अपनी इच्छाएं एवं आकांक्षाएं दर्ज कराई है l महिला संवाद कार्यक्रम के दौरान घरेलु विवाद, बाल विवाह , दहेज़ प्रथा समेत कई सामाजिक कुरीतियों को लेकर भी चर्चा हो रही है l इस बाबत महिलाएं सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, महिला एवं बाल अधिकारों की रक्षा हेतु संकल्प भी ले रही हैं l
शुक्रवार को भी सूर्यगढ़ा में छह स्थानों पर महिला संवाद कर्यक्रम का आयोजन जारी रहा l आँचल जीविका महिला ग्राम संगठन द्वारा अलीनगर गाँव में , भारत ग्राम संगठन द्वारा उरेन गाँव में, सहयोग ग्राम संगठन द्वारा लोसघानी गाँव में, हिन्द ग्राम संगठन द्वारा घोसैठ गाँव में, जय माँ महारानी द्वारा चंदनपुर गाँव में , ज्योति ग्राम संगटन द्वारा श्री किशुन गाँव में , बड़हिया में पंचवटी ग्राम संगठन दवारा रेपुरा गाँव में एवं ग्राम संगठन दवारा मनोहरपुर गाँव में तथा चानन में आदर्श ग्राम संगठन द्वारा ईटोंन एवं ममता ग्राम संगठन द्वारा मलिया में तथा पिपरिया प्रखंड में उजाला जीविका महिला ग्राम संगठन द्वारा मोहनपुर गाँव एवं लक्ष्मी जीविका महिला ग्राम संगठन द्वारा पिपरिया में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया l
महिला संवाद कार्यक्रम में राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से भरी लीफलेट भी महिलाओं के साथ छात्राओं के लिए एक दस्तावेज के रूप में वितरित किये जा रहे हैं l इस लीफलेट में महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित अन्य योजनाओं के साथ ही छात्राओं के लिए संचालित योजनायें उल्लेखित हैं l
महिला संवाद कार्यक्रम राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है जिसके अंतर्गत राज्य के सभी गांवो में सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का प्रचार-प्रसार एवं उसके सफलता की गाथा संवाद रथ के द्वारा प्रदर्शित की जा रही है l लघु फिल्म और लीफलेट के द्वारा महिलाओं को सरकारी योजनायों से रूबरू कराया जा रहा ह। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हस्ताक्षरयुक्त संदेश पत्र महिलाओं के लिए खास है l इस पत्र में उन्होंने राज्य में आधी आबादी के स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण के लिए किये जा रहे कार्यों का उल्लेख किया है l लिहाजा महिलाएं पत्र के माध्यम से महिला सशक्तीकरण एवं स्वावलंबन के परिदृश्य से रूबरू भी हो रही हैं और गाँव तथा महिलाओं के विकास के लिए मन में अंकुरित इच्छाओं एवं आकांक्षाओं को साझा कर रही हैं।
