
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)28 मई।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिक्रमगंज, रोहतास (शाहाबाद) की पावन धरती पर आगमन एक गौरवशाली क्षण है। यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शाहाबाद के करोड़ों दिलों की धड़कन है जो वर्षों से विकास की आशा लिए बैठी है। आज जब देशभर में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना से काम हो रहा है, तब शाहाबाद क्षेत्र भी यह उम्मीद करता है कि इस बार की यात्रा केवल भाषण तक सीमित न रहे, बल्कि ठोस घोषणाओं की शुरुआत बने।
शाहाबाद – ऐतिहासिक, पर उपेक्षित
शाहाबाद का इतिहास गौरवशाली रहा है। यही धरती वीर कुंवर सिंह की शौर्यगाथा की साक्षी रही है, स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी रही, और कृषि, संस्कृति, साहित्य व राजनीति में हमेशा आगे रही। लेकिन विकास की दौड़ में यह क्षेत्र पिछड़ता रहा है। विशेष रूप से स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में यहाँ की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
एम्स की ज़रूरत – क्यों?
पटना या बनारस जैसे शहरों में इलाज के लिए जाने वाले मरीजों की भारी भीड़, सड़क हादसों में समय पर इलाज के अभाव में दम तोड़ते लोग, और प्राथमिक चिकित्सा की कमी – यह सब शाहाबाद की सच्चाई है। यदि इस क्षेत्र में एक एम्स (AIIMS) जैसे उच्चस्तरीय अस्पताल की स्थापना होती है, तो यह न केवल स्थानीय जनता को राहत देगा, बल्कि आसपास के जिलों और झारखंड, उत्तर प्रदेश जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भी वरदान साबित होगा।
हर जिले में ट्रॉमा सेंटर – समय की माँग
शाहाबाद के चारों जिले – रोहतास, कैमूर, भोजपुर और बक्सर – राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों से जुड़े हैं। यहाँ सड़क दुर्घटनाएँ आम हैं, लेकिन त्वरित और विशेषज्ञ इलाज के अभाव में कई बार जानें चली जाती हैं। प्रत्येक जिले में कम से कम एक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना अनिवार्य होनी चाहिए ताकि “स्वास्थ्य का अधिकार” वास्तव में आम जनता तक पहुँच सके।
यह सिर्फ राजनीति नहीं, जनता की पुकार है
इस क्षेत्र की जनता अब वादों से नहीं, कार्यों से भरोसा करती है। बिक्रमगंज की धरती से यदि प्रधानमंत्री एक एम्स और चार ट्रॉमा सेंटर की घोषणा करते हैं, तो यह निर्णय केवल मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक न्याय होगा शाहाबाद क्षेत्र के साथ।
निष्कर्ष
यह समय है जब शाहाबाद की उपेक्षा को समाप्त कर, इसे विकास की मुख्यधारा में लाया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जनता की अपील है कि वे बिक्रमगंज की धरती से शाहाबाद के लिए एक नया संदेश दें – स्वास्थ्य, सम्मान और समर्पण का।
